होशियारपुर (पंजाब), 14 फरवरी कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को लोगों को आगाह किया कि वे पंजाब विधानसभा चुनाव में किसी भी तरह का ‘प्रयोग’ नहीं करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य के लिए शांति कायम रखना सबसे अधिक महत्वपूर्ण है और ऐसा करने में सिर्फ उनकी पार्टी ही सक्षम है।
वह यहां एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जोर दिया कि उनकी पार्टी पंजाब को भलीभांति समझती है और इसे आगे ले जा सकती है।
उन्होंने बेरोजगारी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अपने चुनावी भाषणों में इस पर और काले धन के मुद्दे पर बात नहीं करते हैं।
राहुल गांधी ने पंजाब में मादक पदार्थों के खतरे से जुड़े बयान को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा और उनसे सवाल किया कि जब उनकी पार्टी का पिछला गठबंधन सहयोगी शिरोमणि अकाली दल राज्य में सत्ता में था तो उन्होंने इस विषय पर क्यों नहीं टिप्पणी की।
उन्होंने वादा किया कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में लौटती है तो पंजाब से मादक पदार्थों की समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब एक "संवेदनशील" राज्य है और केवल कांग्रेस ही राज्य में शांति कायम रखना जानती है।
उन्होंने कहा, "पंजाब की शांति सबसे महत्वपूर्ण चीज है। याद रखिए, यह कोई प्रयोगशाला नहीं है। यह प्रयोग करने की जगह नहीं है।’’
राज्य में अपनी पार्टी को फिर से स्पष्ट बहुमत देने की अपील करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "आप कांग्रेस पार्टी को समझते हैं। यह सभी को साथ लेकर शांति कायम रख सकती है। ऐसा करने का हमारा अनुभव है। यह प्रयोग करने का समय नहीं है।"
उन्होंने अरविंद केजरीवाल नीत आम आदमी पार्टी (आप) पर भी निशाना साधा और कहा, "आप पंजाब को नहीं समझती है और वह राज्य का ख्याल नहीं रख सकती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘"वे पंजाब का ख्याल नहीं रख सकते हैं और उन्हें नहीं मालूम है कि यह कैसे करना है। केवल कांग्रेस ही पंजाब का ख्याल रख सकती है। कांग्रेस पंजाब में शांति कायम रख सकती है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम पंजाब को गहराई से समझते हैं। हम जानते हैं कि पंजाब के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज शांति, भाईचारा और एकता है और इसके लिए कांग्रेस पार्टी कुछ भी कर सकती है।’’
मुहल्ला क्लीनिक स्थापित करने के आप के दावों पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान सभी ने स्थिति देखी। उन्होंने कहा, "अगर उन्होंने (आप) दिल्ली की तस्वीर बदल दी थी, तो कोविड की दूसरी लहर के दौरान, कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर क्यों उपलब्ध कराने पड़ते? कोविड के दौरान दिल्ली की आप सरकार पूरी तरह से नाकाम रही।"
उन्होंने नोटबंदी और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर नरेंद्र मोदी नीत सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इससे केवल दो-तीन अरबपतियों को ही फायदा हुआ है।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार चरणजीत सिंह चन्नी गरीबी को अच्छी तरह से समझते हैं और चन्नी अरबपतियों की नहीं, गरीबों, किसानों, छोटे और मध्यम कारोबारियों की सरकार का नेतृत्व करेंगे।
उन्होंने कहा, "पंजाब चुनाव हमारे सामने है। यह कोई मामूली चुनाव नहीं है। आपको एक नयी सरकार चुननी है... देश में आज हर राज्य में बेरोजगारी बढ़ रही है।"
राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी के समय मोदी सरकार ने कहा था कि यह कालेधन के खिलाफ लड़ाई है। उन्होंने कहा, " वह (प्रधानमंत्री) कहते थे कि युवाओं को दो करोड़ नौकरियां दी जाएंगी।’’ कांग्रेस नेता ने सभा में लोगों से सवाल किया कि क्या उन्हें मिल गयी है नौकरी? उन्होंने सवाल किया, ''नरेंद्र मोदी इन दिनों रोजगार की बात क्यों नहीं करते, काले धन की बात क्यों नहीं करते?''
राहुल गांधी ने याद किया कि जब उन्होंने पंजाब में मादक पदार्थों की समस्या का मुद्दा उठाया था तो शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी ने उनका मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा कि कैसे भाजपा ने उनका मजाक उड़ाया था जब उन्होंने आगाह किया था कि कोविड का भारत पर कितना प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
कांग्रेस नेता ने कहा, "उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पंजाब में गलत बोल रहे हैं।" उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से कहा, "जब मैंने इस (मादक पदार्थ) मुद्दे को उठाया था, तब आपके मित्र सत्ता में थे... उस समय, आप उनका बचाव कर रहे थे और आपने एक शब्द भी नहीं कहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं उन्हें (केंद्र से) कहता रहा कि वे कोविड से निपटने की तैयारी शुरू कर दें, लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी।’’
उन्होंने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस (स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ कानून) मामला दर्ज किए जाने का जिक्र करते हुए कहा, "हम कार्रवाई जारी रखेंगे और पंजाब से इस समस्या का सफाया करेंगे।"
राहुल गांधी ने कहा, "हमारी सरकार दो या तीन अरबपतियों की नहीं है। अगर हमारी सरकार दो-तीन अरबपतियों की होती, तो पंजाब में कांग्रेस कृषि कानूनों के खिलाफ नहीं खड़ी होती। हमारी सरकार किसान समर्थक है, इसलिए हम किसानों के साथ खड़े हुए और संसद में इन कृषि कानूनों को रोकने की कोशिश की।’’
उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के लिए पंजाब के किसानों की सराहना की और कहा, "यदि आपने इन कानूनों को रद्द करने के लिए बाध्य नहीं किया होता, तो न सिर्फ पंजाब बल्कि पूरे भारत के किसानों को नुकसान होता।"
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा भी दिया।
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