जयपुर, आठ फरवरी राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी ने बुधवार को कहा कि विधानसभा में पूछे गये प्रश्नों का उत्तर प्राथमिकता से दिया जाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा में गुणवत्तापरक बहस के लिए यह जवाब जरूरी होते हैं।
जोशी ने बुधवार को यहां विधानसभा में 14वीं व 15वीं विधानसभा के विभिन्न सत्रों में पूछे गये प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेखों, आश्वासनों और वार्षिक प्रतिवेदनों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और शासन सचिव मौजूद रहे।
इस दौरान जोशी ने कहा कि समय पर कार्यों का निस्तारण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर वर्ष दिसंबर में अधिकारी विभागों के वार्षिक प्रतिवेदनों संबंधी प्रगति की निगरानी करें, ताकि यह प्रतिवेदन विधानसभा सत्र आरंभ होने के सात दिवस पूर्व विधानसभा में आवश्यक रूप से प्रस्तुत हो सकें।
वार्षिक प्रतिवेदन विधानसभा सत्र प्रारम्भ होने के सात दिवस पूर्व विधानसभा में प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।
विधानसभा अध्यक्ष जोशी ने 14वीं व 15वीं विधानसभा के विभिन्न सत्रों में पूछे गये प्रश्नों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने प्रश्नों के जवाब आगामी पंद्रह दिवस में विधानसभा में प्रस्तुत करने के अधिकारियों को निर्देश दिये।
डॉ. जोशी ने कहा कि अधिकारीगण प्रश्नों, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेखों, सरकारी आश्वासनों के जवाब और वार्षिक प्रतिवेदन को समय पर भेजा जाना सुनिश्चित करें।
विधानसभा के प्रमुख सचिव महावीर प्रसाद शर्मा ने 14वीं व 15वीं विधानसभा में शेष रहे प्रश्नों के जवाब, ध्यानाकर्षण प्रस्तावों, विशेष उल्लेखों और सरकारी आश्वासनों की विभागवार जानकारी दी।
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