नयी दिल्ली, 29 जुलाई सरकार के देश में खाद्य प्रसंस्करण के स्तर को बढ़ाने के प्रयासों के बीच कृषि-निर्यात संवर्धन निकाय, एपिडा ने बुधवार को गुणवत्ता निरीक्षण और बीमा पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि इस क्षेत्र के जोखिम को कम किया जा सके।
सरकार प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के साथ-साथ एफएसएसएआई और कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपिडा) जैसी एजेंसियां, प्रसंस्कृत खाद्य सामग्रियों की के माध्यम से कृषि वस्तुओं का उत्पादन और निर्यात को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
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एपिडा के निदेशक तरुण बजाज ने पीएचडी सीसीआई द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा, "खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में, चुनौतियां हैं क्योंकि इसमें बहुत कुछ मौसम पर निर्भर है और ये जल्द खराब हो सकते हैं। लेकिन इन जोखिमों को बीमा और गुणवत्ता निरीक्षण से दूर किया जा सकता है।"
उन्होंने कहा कि हालांकि, खाद्य इकाइयों द्वारा गुणवत्ता निरीक्षण और बीमा को अधिक महत्व नहीं दिया जाता है, जबकि ये दोनों जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण उपाय हैं।
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बजाज ने कहा कि गुणवत्ता निरीक्षण खाद्य सुरक्षा प्रबंधन का हिस्सा है।बजाज ने कहा कि यह आमतौर पर इसे एक "प्रतिकूल" तत्व के रूप में देखा जाता है और बहुत से व्यवसायी इन सबके बगैर ही व्यापार करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "लेकिन खाद्य सुरक्षा प्रबंधन में निरीक्षण की आवश्यकता होती है, जो खरीद से लेकर उत्पादन, प्रसंस्करण, परिवहन, भंडारण, वितरण और यहां तक कि जब उत्पाद उपभोक्ताओं तक पहुंचते हैं, तक जरूरी होता है। यह बोझ नहीं बल्कि वास्तव में ब्रांड स्थापित करने, उपभोक्ताओं का विश्वास हासिल करने और मुनाफा कमाने तथा नुकसान को कम करने में मदद करता है।"
बजाज ने कहा कि भारत के पास कृषि उत्पादन का बड़ा आधार है, लेकिन खाद्य प्रसंस्करण का स्तर अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है। सरकार खाद्य प्रसंस्करण के स्तर को बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने पर जोर दे रही है।
इसी कार्यक्रम में इंश्योरेंस फाउंडेशन ऑफ इंडिया के संस्थापक और सीईओ एस के सेठी ने कहा कि आम तौर पर खाद्य कंपनियाँ अपने व्यवसाय के लिए बैंकों से ऋण लेने के बाद यह सोचती हैं कि उनके सभी प्रकार के जोखिमों को ऋणदाताओं ने बीमा कर दिया है।
सेठी ने खाद्य इकाइयों को जोखिम मूल्यांकन करने और बीमा कंपनियों या विशेषज्ञों से चर्चा करने की सलाह दी कि उन्हें किन बीमा उत्पादों को लेने की आवश्यकता है।
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