चंडीगढ़, 30 जून पंजाब के तरनतारन जिले में पिछले साल संदिग्ध मादक पदार्थ तस्कर को छोड़ने के लिए कथित रूप से 10 लाख रुपये रिश्वत लेने से जुड़े मामले में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इंद्रबीर सिंह को आरोपी बनाया गया है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को इस बात की जानकारी दी।
अमृतसर रेंज के विजलेंस ब्यूरो के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वरिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस उपमहानिरीक्षक इंद्रबीर सिंह का नाम पिछले साल 30 जून को दर्ज एफआईआर में शामिल किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस उपमहानिरीक्षक पर एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 213 (आरोपी को दंड से बचाने के लिए उपहार आदि लेना), 214 (आरोपी के मामले की जांच करते हुए उपहार की पेशकश या संपत्ति की बहाली), 120 बी (आपराधिक षड़यंत्र) और स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज की गई है।
तरनतारन में भिखीविंड पुलिस थाने के पुलिस कर्मियों ने सुरजीत सिंह नाम के व्यक्ति को 900 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा था, जिसके बाद ये मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने पिशोरा सिंह नाम के व्यक्ति को भी कथित रूप से 250 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा था। पुलिस ने बाद में पुलिस उपाधीक्षक लखबीर सिंह को पिशोरा से एफआईआर में नाम न डालने की एवज में कथित रूप से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के लिए गिरफ्तार किया था।
इस मामले को बाद में आगे की जांच के लिए सतर्कता ब्यूरो को सौंप दिया गया था। सतर्कता ब्यूरो ने जांच के दौरान इस मामले में नाम सामने आने के बाद डीआईजी इंद्रबीर सिंह से भी पूछताछ की थी।
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