देश की खबरें | पंजाब सरकार लंगर पर रोक लगाने के फैसले की समीक्षा करे : एसजीपीसी प्रमुख
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अमृतसर, सात जून शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने रविवार को पंजाब सरकार से लंगर को लेकर जारी दिशानिर्देश की समीक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लंगर सिख धर्म का अविभाज्य अंग है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के मौजूदा चरण में राज्य सरकार ने सोमवार से धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति दे दी है, लेकिन शनिवार को इस संबंध में जारी दिशानिर्देश में लंगर में ‘प्रसाद’ देने पर रोक लगाई गई है।

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लोंगोवाल ने कहा, ‘‘ लंगर सिख धर्म का अविभाज्य परंपरा है और सरकार को अपने फैसले की समीक्षा करनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि एसजीपीसी ने स्वास्थ्य विभाग के सभी दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए श्रद्धालुओं के लिए भोजन बना रही है।

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लोंगोवाल ने कहा कि श्रद्धालुओं को प्रसाद देना सिख धर्म की पुरानी परंपरा है और सरकार को सिख समुदाय की भावनाओं का ख्याल रखते हुए इस दिशानिर्देश की समीक्षा करनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा, हालांकि, स्वर्ण मंदिर को सोमवार से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा और कोरोना वायरस संबंधी सभी दिशानिर्देशों का अनुपालन किया जाएगा।

लोंगोवाल ने कहा कि स्वर्ण मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के शरीर के तापमान की जांच अनिवार्य होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ स्वर्ण मंदिर के प्रवेश द्वारों पर स्वास्थ्य टीमें तैनात होंगी जो श्रद्धालुओं के शरीर के तापमान की जांच करेंगी।’’ एसजीपीसी प्रमुख ने कहा कि मास्क पहनना अनिवार्य होगा और परिसर में भी सामाजिक दूरी का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को एक-एक कर गुरु ग्रंथ साहिब के दर्शन के लिए भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि शनिवार को पंजाब सरकार ने शॉपिंग मॉल, रेस्तरां, होटल और धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए दिशानिर्देश जारी किया।

दिशानिर्देश के मुताबिक धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को हाथ साफ करने, सामाजिक दूरी और मास्क पहनने के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी।

इसके मुताबिक धार्मिक स्थल सुबह पांच बजे से रात के आठ बजे तक खुलेंगे और एक समय में प्रार्थना करने के लिए सामाजिक दूरी का अनुपालन करते हुए 20 से अधिक लोग जमा नहीं होंगे।

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