चंडीगढ़, नौ जून पंजाब सरकार के आबकारी विभाग ने होशियारपुर जिले के दसुआ इलाके में पिछले दो दिन में की गई छापेमारी के दौरान अवैध शराब के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला 17,000 किलोग्राम ‘लाहन’ बरामद किया है। यह जानकारी शुक्रवार को यहां जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
बयान के मुताबिक, आबकारी विभाग ने 320 लीटर अवैध शराब और अवैध शराब के आसवन (डिस्टिलेशन) में इस्तेमाल होने वाला उपकरण भी जब्त किया है।
बयान में आबकारी विभाग के एक आधिकारिक प्रवक्ता के हवाले से कहा गया है कि दसुआ में ब्यास नदी के तट पर अवैध शराब के अवैध उत्पादन की जांच के लिए आबकारी विभाग की प्रवर्तन टीम, आबकारी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
प्रवक्ता ने बताया कि ‘लाहन’ की पहचान करने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित एक खोजी-श्वान दस्ते को भी इस अभियान में शामिल किया गया था।
उन्होंने कहा कि एक अच्छी तरह समन्वित अभियान के तहत संबंधित दल ने लगभग सात किलोमीटर की दूरी पैदल और नावों के जरिये तय की तथा तेरकियाना, केथाना, बदायियां, धनोआ, सैदपुर और भीखोवाल गांव में बड़े पैमाने पर तलाशी ली।
प्रवक्ता के अनुसार, “तलाशी अभियान के दौरान पता चला कि शराब तस्करों ने ‘लाहन’ के अवैध आसवन के लिए भट्टी बनाने के वास्ते गहरे गड्ढे खोद रखे थे, जिन्हें खोजना आसान नहीं था।”
उन्होंने कहा, “तीन कुत्तों वाले खोजी श्वान दल ने ‘लाहन’ की गंध सूंघकर भट्टियों की पहचान की और फिर वहां गड्ढों की खुदाई करके अवैध शराब बरामद की गई।”
बयान के मुताबिक, वित्त आयुक्त (कराधान) विकास प्रताप और आबकारी आयुक्त वरुण रूजम की सीधी निगरानी में अभियान चलाया गया।
इस बीच, पंजाब के वित्त एवं आबकारी और कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि अवैध शराब की बिक्री पर लगाम लगाने के लिए बड़े क्षेत्र में जांच एवं तलाशी अभियान चलाया गया।
उन्होंने चेतावनी दी कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चीमा ने यह भी बताया कि आबकारी विभाग ने संबंधित अपराधों के बारे में शिकायत के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की है।
‘लाहन’, गुड़ या गन्ने की राब और पानी का मिश्रण होता है जिसमें अन्य पदार्थ भी मिलाये जाते हैं।
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