चंडीगढ़, 21 जून पंजाब सरकार मादक पदार्थों के इस्तेमाल को अपराध की श्रेणी से बाहर करने पर विचार कर रही है ताकि कम मात्रा में मादक पदार्थों के साथ पकड़े गए लोगों को जेल नहीं बल्कि नशामुक्ति केंद्रों में भेजा जा सके। एक मंत्री ने बुधवार को यहां यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह ने हालांकि स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि मादक पदार्थों को वैध कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ तस्करों से सख्ती से निपटा जाएगा।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि सिंह ने यहां उनके विभाग द्वारा आयोजित 'पंजाब में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों और निवारण पर विशेषज्ञों की बैठक' में यह बात कही।
बैठक में सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री बलजीत कौर भी शामिल हुईं।
सिंह ने कहा, "इस नीति के तहत नशा करने वालों या मादक पदार्थों की कम मात्रा के साथ पकड़े गए लोगों को जेलों में डालने के बजाय इलाज और पुनर्वास के लिए नशामुक्ति केंद्रों में भेजा जाएगा।"
उन्होंने कहा, "अपराध की श्रेणी से बाहर करने का मतलब यह नहीं है कि मादक वैध हो जाएंगे, वे अवैध बने रहेंगे।"
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