चंडीगढ़ (पंजाब), 29 मार्च फसल को पहुंची क्षति को लेकर राहत की मांग कर रहे किसानों के एक समूह ने मुक्तसर जिले के लंबी में एक उप-तहसील कार्यालय के अंदर कथित तौर पर 12 सरकारी अधिकारियों को कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा।
एक अधिकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों द्वारा अधिकारियों को मुक्त करने से इनकार करने पर पुलिस की मदद से उन्हें सोमवार देर रात छुड़ाया जा सका। बंधक बनाए गए अधिकारियों में एक नायब तहसीलदार और कुछ पटवारी शामिल थे।
ये किसान पिंक बॉलवर्म प्रजाति के कीटों से कपास की फसल को हुए नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग कर रहे थे। इस घटना के विरोध में प्रदेश भर के राजस्व अधिकारी मंगलवार को हड़ताल पर रहे।
किसानों के समूह का समर्थन करने वाले संगठन भाकियू (एकता-उग्रहन) के एक नेता ने मंगलवार को दावा किया कि सात प्रदर्शनकारी घायल हो गए क्योंकि पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। अधिकारियों ने इस आरोप से इनकार किया है।
किसानों ने भी मंगलवार को उप-तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और कुछ घंटों के लिये सड़क को जाम कर दिया।
पुलिस ने कहा कि एक कृषक संघ के बैनर तले 100 से अधिक किसानों के एक समूह ने सोमवार को लंबी में उप-तहसील के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारी शाम को कार्यालय की इमारत में घुसे और अधिकारियों को आधी रात तक बंधक बनाए रखा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संदीप कुमार मलिक ने कहा कि 12 सरकारी अधिकारियों को बंधक बना लिया गया। एसएसपी ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और वहां के उपसंभागीय मजिस्ट्रेट ने उन्हें मनाने की कोशिश की और उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए उच्च अधिकारियों के साथ बैठक का आश्वासन दिया।
मलिक ने मंगलवार को फोन पर ‘पीटीआई-’ को बताया, “लेकिन वे अपनी बात पर अड़े रहे और अधिकारियों को देर रात तक बंधक बनाए रखा।”
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