देश की खबरें | पंजाब के मुख्यमंत्री करतापुर गलियारा को फिर से खोले जाने के पक्ष में

चंडीगढ़, 29 जून पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के बीच वह सामाजिक मेल जोल की दूरी के मानदंडों के पालन के साथ करतारपुर गलियारा खोले जाने के पक्ष में हैं ।

पाकिस्तान ने दो दिन पहले करतारपुर गलियारा खोले जाने पर अपनी सहमति जतायी थी । शेर ए पंजाब महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के मौके पर कैप्टन का यह बयान आया है। महाराजा रणजीत सिंह ने 19 वीं शताब्दि में करीब आधी शताब्दि तक सिख साम्राज्य पर शासन किया था । उनका साम्राज्य समूचे उत्तर पश्चिम भारतीय उपमहाद्वीप में फैला हुआ था ।

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करतारपुर गलियारे को कोरोना वायरस महामारी के आलोक में अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया था ।

मुख्यमंत्री ने संवाददाता सम्मेलन में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा, 'मैं चाहता हूं कि करतारपुर गलियारा खुले । वहां सामाजिक मेल जोल से दूरी का ध्यान रखा जा सकता है ।'

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उन्होंने कहा कि अगर इस मुद्दे पर उनसे पूछा गया तो वह इस गलियारे को फिर से खोलने की सलाह देंगे ।

कैप्टन ने कहा, 'अगर मुझसे पूछा जाये तो मैं इसे सामाजिक मेल जोल की दूरी के मानदंडों के पालन के साथ खोलने की सलाह दूंगा ।'

उन्होंने हालांकि, कहा कि भारत सरकार इतने कम समय में इस गलियारे को खोलने पर राजी नहीं हो सकती है ।

पिछले साल नवंबर में भारत एवं पाकिस्तान ने इस गलियारे को खोला था जो भारत में गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक और पाकिस्तान स्थित गुरद्वारा करतारपुर साहिब को जोड़ता है ।

करतारपुर साहिब गुरद्वारा रावी नदी के पार पाकिस्तान के नोरोवाल जिले में स्थित है । यह पंजाब के गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है ।

सिख धर्म के संस्थापक गुरू नानक देव ने अपने जीवन के अंतिम 18 साल यहीं बिताये थे ।

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