देश की खबरें | पुणे पोर्शे मामला : अभियोजन ने आरोपी पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने का अनुरोध किया

पुणे (महाराष्ट्र), 24 जून पुणे में पोर्शे कार मामले में अभियोजन पक्ष ने किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) से 17 वर्षीय आरोपी पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने का अनुरोध करते हुए कहा कि उसने एक ‘‘जघन्य’’ कृत्य को अंजाम दिया है।

पिछले साल 19 मई को कल्याणी नगर इलाके में नशे की हालत में पोर्शे कार चला रहे नाबालिग आरोपी ने दो लोगों को कथित तौर पर कुचल दिया। यह खबर देशभर में सुर्खियां बनी थी। इस घटना में मोटरसाइकिल पर सवार आईटी पेशेवर अनीश अवधिया और उसकी मित्र अश्विनी कोस्टा की मौत हो गयी थी।

पुणे पुलिस की उस याचिका को एक वर्ष से अधिक समय हो गया है, जिसमें उसने आरोपी पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाने का अनुरोध किया था और यह किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष लंबित है।

विशेष लोक अभियोजक शिशिर हिरे ने सोमवार को कहा, ‘‘पुणे पुलिस ने दुर्घटना के बाद किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष एक याचिका दायर की थी कि किशोर पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाया जाए। लेकिन बचाव पक्ष ने कई बार स्थगन की मांग की। बचाव पक्ष सुनवाई नहीं होने दे रहा था।’’

हिरे ने कहा, ‘‘आज, आखिरकार याचिका पर सुनवाई हुई। हमने मांग की कि किशोर पर वयस्क की तरह मुकदमा चलाया जाए।’’

अभियोजक ने कहा कि उन्होंने तर्क दिया कि किशोर द्वारा किया गया कृत्य ‘‘जघन्य’’ था क्योंकि न केवल दो लोगों को कुचलकर मार दिया गया था, बल्कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का भी प्रयास किया गया था।

हिरे ने कहा, ‘‘मैंने जेजेबी सदस्यों का ध्यान अपराध की गंभीरता की ओर आकर्षित किया। मैंने दलील दी कि किशोर को पता था कि वह नशे की हालत में कार चलाकर दूसरों को नुकसान पहुंचा सकता है।’’

किशोर के वकील प्रशांत पाटिल ने अभियोजन पक्ष की मांग का विरोध करते हुए कहा कि उन्होंने शिल्पा मित्तल बनाम राज्य मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले का हवाला दिया है, जिसमें जघन्य अपराध की परि बताई गई है।

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