देश की खबरें | वकीलों का प्रदर्शन : तथ्यान्वेषी टीम ने रजिस्ट्रार जनरल, बार एसोसिएशन प्रमुख के साथ बैठक की

कोलकाता, 16 जनवरी कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा की अदालत के बाहर विरोध प्रदर्शन किए जाने के कुछ दिनों बाद, बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा नियुक्त एक तथ्यान्वेषी समिति ने सोमवार को इस मुद्दे पर रजिस्ट्रार जनरल और बार एसोसिएशन के प्रमुख के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।

तीन सदस्यीय समिति ने बार काउंसिल ऑफ वेस्ट बंगाल के अध्यक्ष अशोक देब से भी बातचीत की। टीम के सदस्यों में से एक ने महाधिवक्ता एस. एन. मुखर्जी से मुलाकात की।

इस समिति में वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र रायजादा और अशोक मेहता एवं अधिवक्ता बंदना कौर ग्रोवर शामिल हैं। समिति ने हालांकि, मीडिया को बैठकों के परिणाम का खुलासा करने से इनकार कर दिया और कहा यह मुद्दा न्यायालय में है।

न्यायमूर्ति मंथा की अदालत के बाहर नौ जनवरी को वकीलों के एक वर्ग ने उनके द्वारा पारित कुछ आदेशों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। उनके खिलाफ आरोपों वाले पोस्टर यहां उनके आवास के बाहर लगे हुए मिले थे।

मेहता ने कहा, "जहां तक तथ्यान्वेषण की खोज का संबंध है, एक आपराधिक अवमानना लंबित है। उस बारे में कोई टिप्पणी करना सही नहीं होगा।"

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने नौ जनवरी को न्यायमूर्ति मंथा की अदालत के बाहर प्रदर्शन के सीसीटीवी फुटेज देखे हैं, सदस्यों ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। मेहता ने संवाददाताओं से कहा, "बार एसोसिएशन के अध्यक्ष के साथ हमारी अच्छी चर्चा हुई है।"

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने तथ्यान्वेषी समिति के गठन के अपने 12 जनवरी के आदेश में 17 जनवरी तक रिपोर्ट देने को कहा है।

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