ताजा खबरें | आईटीआर की प्रक्रिया सरल बनाने के लिए एक सामान्य आईटीआर फॉर्म लाने का प्रस्ताव: समिति को बताया गया

नयी दिल्ली, 27 जुलाई वित्त मंत्रालय ने संसद की एक समिति को बताया कि आयकर रिटर्न भरने की प्रक्रिया को और अधिक सरल एवं करदाताओं के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से आईटीआर-7 को छोड़कर अन्य सभी वर्तमान फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ मिलाकर एक सामान्य आईटीआर फॉर्म तैयार करने का प्रस्ताव है।

लोकसभा में पेश वित्त मंत्रालय की अनुदान की मांगों (2023-24) पर 55वें प्रतिवेदन में अंतर्विष्ट टिप्पणियों/ सिफारिशों पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई रिपोर्ट में यह बात कही गई है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली वित्त संबंधी स्थायी समिति की यह रिपोर्ट सदन में बृहस्पतिवार को पेश की गई।

रिपोर्ट के अनुसार, आयकर रिटर्न भरने को और अधिक सरल एवं करदाताओं के अनुकूल बनाने की समिति की सिफारिश के उत्तर में वित्त मंत्रालय ने बताया कि आईटीआर-7 को छोड़कर सभी वर्तमान फॉर्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ मिलाकर एक सामान्य आईटीआर फार्म लागू करने का प्रस्ताव है।

मंत्रालय के अनुसार, प्रस्तावित आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म का उद्देश्य लोगों और गैर-व्यावसायिक प्रकार के करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने में सुगमता लाना है। उसने कहा कि इस प्रस्तावित नए फॉर्म के परिणामस्वरूप करदाताओं का समय और ऊर्जा की बचत होगी।

समिति ने आशा व्यक्त की कि प्रस्तावित आईटीआर फॉर्म व्यक्तियों और गैर-व्यावसायिक करदाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की काफी प्रक्रिया को काफी सरल बनाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘‘ समिति को आशा है कि मंत्रालय इस प्रक्रिया में तेजी लाएगा और जल्द से जल्द नया प्रारूप प्रस्तुत करेगा।’’

वित्त मंत्रालय ने संसद की समिति को बताया कि आयकर विभाग (आईटीडी) का यह प्रयास है कि कार्य करने की सुगमता में लगातार सुधार हो और कर प्रशासन को नागरिक अनुकूल बनाया जाए। उसने कहा कि इस दिशा में एक कदम के रूप में कर अनुपालन को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए व्यक्तिगत करदाताओं को पहले से भरे हुए आयकर रिटर्न प्रदान किए गए हैं।

मंत्रालय ने बताया कि आईटीआर फॉर्म में अभी वेतन आय जैसा पहले से भरा हुआ विवरण होता है। गृह सम्पत्ति आय, बैंक का ब्याज, लाभांश आदि जैसी सूचनाओं को शामिल करके पूर्व विवरण दाखिल करने के लिए सूचना का दायरा और बढ़ाया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने अपने प्रतिवेदन में कहा था कि समय बीतने के साथ आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में बेशक बदलाव हुए हैं किन्तु यह अभी भी एक साधारण करदाता के लिए जटिल बनी हुई है।

समिति ने कहा था कि कोई भी व्यक्ति जिसके वेतन, किराये, व्यावसायिक आय जैसे विभिन्न आय स्रोत हैं, वे अपना रिटर्न स्वयं दाखिल नहीं कर सकते हैं, उन्हें चार्टर्ड एकाउंटेंट या आयकर रिटर्न दाखिल करने में पर्याप्त ज्ञान रखने वाले व्यक्ति की सलाह लेनी पड़ती है। ऐसे में समिति, विभाग से प्रक्रिया को सरल और करदाताओं के अनुकूल बनाने का आग्रह करेगी।

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