देश की खबरें | तमिलनाडु में दो एसआरओ में 3,000 करोड़ रुपये के संपत्ति लेनदेन का विवरण नहीं दिया गया: आयकर विभाग

चेन्नई, पांच जुलाई आयकर विभाग ने खुलासा किया है कि पिछले पांच वर्षों में तमिलनाडु के दो उप-पंजीयक कार्यालयों में हुए 3,000 करोड़ रुपये के संपत्ति लेनदेन का विवरण नहीं दिया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

आयकर विभाग के तमिलनाडु निदेशालय की खुफिया और अपराध जांच शाखा ने मंगलवार और बुधवार को तिरुचिरापल्ली जिले के उरैयुर में उप-पंजीयक कार्यालय (एसआरओ) और तिरुवल्लुर जिले के रेडहिल्स में एक अन्य एसआरओ कार्यालय में सर्वेक्षण किया।

सूत्रों ने बताया कि 20 घंटे से अधिक समय तक चली इस कवायद में 20 से अधिक आयकर अधिकारी और आठ सशस्त्र पुलिस कर्मी शामिल थे।

आयकर नियमों के अनुसार, एक महानिरीक्षक या उप-पंजीयक को किसी भी व्यक्ति द्वारा अचल संपत्ति की खरीद या बिक्री के बारे में जानकारी “यदि यह 30 लाख रुपये या अधिक की है”, विभाग को वित्तीय लेनदेन विवरण (एसएफटी) के रूप में देनी चाहिए।

सूत्रों ने कहा, “विवरण उस वित्तीय वर्ष के बाद 31 मई को या उससे पहले प्रस्तुत किया जाना चाहिए जिसमें लेनदेन पंजीकृत किया गया था।”

रेडहिल्स और उरैयुर में उप-पंजीयक कार्यालयों में किए गए नवीनतम सर्वेक्षण में, अधिकारियों ने पिछले पांच वित्तीय वर्षों के दौरान हुए 3,000 (रेडहिल्स एसआरओ में 2000 करोड़ व उरैयुर एसआरओ में 1000 करोड़) करोड़ रुपये के संपत्ति लेनदेन का खुलासा न करने की जानकारी दी।

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