देश की खबरें | सत्ता पक्ष-विपक्ष के हंगामे के चलते विधानसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित

रांची, 20 दिसंबर झारखंड सरकार की नियोजन नीति एवं युवाओं के रोजगार के मामले को लेकर मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन एवं लोकसभा में भाजपा सांसद द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कथित तौर पर अपशब्द कहने के विरोध में सत्ताधारी झारखंड मुक्ति मोर्चा एवं कांग्रेस द्वारा अध्यक्ष के आसन के समक्ष हंगामा करने के चलते विधानसभा की कार्यवाही पहले दोपहर पौने एक बजे तक और फिर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।

झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज सुबह से ही भाजपा विधायक विधानसभा के बाहर और विधानसभाध्यक्ष के आसन के सामने आकर सरकार विरोधी प्रदर्शन करने लगे और उन्होंने राज्य सरकार पर स्थानीयता की नीति और नियोजन नीति के नाम पर राज्य के युवाओं को ठगने का आरोप लगाया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी के विरोध के बावजूद राज्य सरकार जानबूझ कर ऐसी स्थानीयता की नीति लेकर आयी जिसका कानूनी तौर पर टिकना असंभव था।

भाजपा ने सदन के भीतर राज्य सरकार के खिलाफ इन मुद्दों पर जमकर नारेबाजी की।

विपक्षी दल के हमले के जवाब में कांग्रेस में शामिल झारखंड विकास मोर्चा के पूर्व विधायक प्रदीप यादव ने लोकसभा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ भाजपा के सांसद निशिकांत दूबे द्वारा कथित तौर पर अपशब्दों के प्रयोग का मामला उठा दिया।

प्रदीप यादव ने इस पर निंदा प्रस्ताव सदन से पारित कराने की मांग की। उनके इस प्रस्ताव के पक्ष में सत्ताधारी गठबंधन के कांग्रेस एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के तमाम विधायक भी अध्यक्ष के आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे।

विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने सदस्यों को शांत करने का प्रयास किया लेकिन इसमें सफलता न मिलने पर उन्होंने पहले सदन की कार्यवाही दोपहर 12.45 बजे तक और फिर पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी।

इस बीच सदन की कार्यवाही 12.45 पर प्रारंभ होने पर सरकार की ओर से वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने वर्तमान वित्तीय वर्ष की द्वितीय अनुपूरक मांगें सदन में विचार के लिए पेश कर दीं। इसमें कुल 8533 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की गयी है।

, इन्दु

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