देश की खबरें | कोविड-19 पर प्रधानमंत्री की बैठक: पलानीस्वामी ने केंद्र से आरटी-पीसीआर जांच का 50 प्रतिशत खर्च वहन करने का किया आग्रह
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चेन्नई, 11 अगस्त तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने मंगलवार को कहा कि केंद्र को कोविड-19 की आरटी-पीसीआर जांच पर आने वाले खर्च का 50 फीसद वहन करना चाहिए और साथ ही अच्छी गुणवत्ता वाले वेंटीलेटर की खरीद का भी का वित्तपोषण करना चाहिए।

पलानीस्वामी ने यह मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक आनलाइन बैठक के दौरान की। प्रधानमंत्री ने कोविड-19 को लेकर 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये बैठक की।

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पलानीस्वामी ने कहा कि एक अग्रसक्रिय रणनीति से चेन्नई में नये मामलों में कमी आयी है और यही मॉडल राज्य के अन्य हिस्सों में दोहराया जा रहा है।

उन्होंने आक्रामक, लक्षित जांच का उल्लेख किया जो कि रणनीति का मुख्य घटक है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु देश में अधिकतम आरटी-पीसीआर जांच कर रहा है।

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उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में तमिलनाडु में कोविड-19 जांच के लिए 61 सरकारी और 69 निजी प्रयोगशालाओं सहित 130 प्रयोगशालाएं हैं जिनकी औसत जांच क्षमता 65,000 जांच प्रति दिन की है। इन जांचों पर प्रतिदिन लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च आता है। मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि वह पीसीआर जांच पर होने वाले खर्च की 50 प्रतिशत रकम का वित्तपोषण पीएम केयर्स फंड से करे।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक 32.92 लाख से अधिक नमूनों की जांच की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में ठीक होने की दर 80.8 प्रतिशत है और संक्रमण से मृत्यु दर 1.6 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा, ‘‘गंभीर रूप से बीमार कोविड-19 रोगियों का इलाज करने वाले विशेषज्ञों ने उच्च स्तर की वेंटिलेटर युक्त देखभाल के लिए अनुरोध किया है।’’

उन्होंने वेंटिलेटर की खरीद के लिए तमिलनाडु को धन प्रदान करने का केंद्र से आग्रह किया।

पलानीस्वामी ने कहा, ‘‘अब तक आठ लाख आरटी-पीसीआर जांच की जा चुकी हैं। 10,000 कर्मचारियों, 93 एनजीओ और 2,700 स्वयंसेवकों की मदद से कोविड-19 लक्षण वाले मरीजों की पहचान की जा रही है।’’

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