नयी दिल्ली, 21 अप्रैल कांग्रेस ने मुसलमानों को ‘‘संपत्ति के पुनर्वितरण’’ संबंधी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए रविवार को कहा कि लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में ‘‘निराशा’’ का सामना करने के बाद प्रधानमंत्री अब ‘‘झूठ’’ का सहारा ले रहे हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रहे हैं।
मोदी ने रविवार को दावा किया कि अगर कांग्रेस केंद्र में सत्ता में आती है तो वह लोगों की संपत्ति लेकर मुसलमानों को बांट देगी। मोदी ने यह बात पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के एक बयान का हवाला देते हुए कही, जिसमें उन्होंने (सिंह ने) कथित तौर पर कहा था कि देश के संसाधनों पर 'पहला हक' अल्पसंख्यक समुदाय का है।
राजस्थान के बांसवाड़ा में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोगों की मेहनत की कमाई और कीमती सामान ‘‘घुसपैठियों’’ और उन्हें देने की योजना बना रही है, ‘‘जिनके अधिक बच्चे हैं।’’
प्रधानमंत्री पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर दावा किया, ‘‘पहले चरण के मतदान में निराशा हाथ लगने के बाद नरेन्द्र मोदी के झूठ का स्तर इतना गिर गया है कि घबराकर वह अब जनता को मुद्दों से भटकाना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस के ‘क्रांतिकारी घोषणापत्र’ को मिल रहे अपार समर्थन के रुझान आने शुरू हो गए हैं। देश अब अपने मुद्दों पर वोट करेगा, अपने रोजगार, अपने परिवार और अपने भविष्य के लिए वोट करेगा। भारत भटकेगा नहीं।’’
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि युवाओं, महिलाओं, किसानों, दलितों और पिछड़ों से जुड़े मुद्दों पर एक भी सवाल का जवाब देने के बजाय प्रधानमंत्री ने असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए राजस्थान में अपनी रैलियों में ‘‘बेशर्मी से झूठ बोला और अपमानजनक बयान दिए।’’
रमेश ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘याद रखें : भाजपा दक्षिण में साफ, उत्तर में हाफ।’’
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री पर ‘‘झूठ’’ बोलने का आरोप लगाया।
खेड़ा ने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री को चुनौती देते हैं कि वह बताएं कि क्या हमारे घोषणापत्र में कहीं भी हिंदू-मुस्लिम लिखा है। इस तरह की तुच्छ मानसिकता आपके (मोदी के) राजनीतिक मूल्यों में है।’’
उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘हमने युवाओं, महिलाओं, किसानों, आदिवासियों, मध्यम वर्ग और श्रमिकों के लिए न्याय की बात की है। क्या आपको इस पर भी कोई आपत्ति है?’’
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