कोलकाता/ भुवनेश्वर, 22 मई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को चक्रवात ‘अम्फान’ के कारण बड़े पैमाने पर हुई तबाही के बाद स्थिति की समीक्षा कर पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लिए 1,500 करोड़ रुपये की अंतरिम राहत की घोषणा की।
इस चक्रवात के कारण कम से कम 80 लोगों की जान चली गई, हजारों हेक्टेयर जमीन में तैयार फसलें बर्बाद हो गईं और अवसंरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं।
मोदी ने चक्रवात के दो दिन बाद पश्चिम बंगाल और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों ममता बनर्जी और नवीन पटनायक के साथ स्थिति की समीक्षा की। कई वर्ष के इस सबसे भयंकर चक्रवात ने उनके राज्यों को बुरी तरह तबाह कर दिया है।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और राज्य के शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद प्रदेश के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अंतरिम राहत की घोषणा की जो प्रवासी मजदूरों की वापसी के अलावा पहले से ही कोविड-19 के मामलों और मौत का दंश झेल रहा है।
हालांकि, बनर्जी ने कहा कि राज्य को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है जिसके लिए उसे मुआवजा दिए जाने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कई जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया जो बुधवार को अत्यधिक वर्षा होने के बाद जलमग्न हो गए। यहां तेज हवाओं के चलते घर तबाह हो गए, विशाल पेड़ उखड़ गए और बिजली गुल हो गई।
धनखड़ और बनर्जी के साथ हवाई सर्वेक्षण करने और शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद प्रधानमंत्री ने राज्य के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अंतिरम राहत की घोषणा की। यहां चक्रवात के कारण अब तक 80 लोगों की जान चली गई।
हालांकि, बनर्जी ने कहा कि चक्रवात के कारण हुआ नुकसान “राष्ट्रीय आपदा से बहुत बड़ा है” और कहा कि राज्य को एक लाख करोड़ रुपये से कम का नुकसान नहीं हुआ है।
मोदी ने प्रत्येक मृतक के परिवार को दो लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की है।
बाद में प्रधानमंत्री ओडिशा पहुंचे जहां उन्होंने राज्यपाल गणेशी लाल और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया और 500 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद दीर्घकालिक पुनर्वास उपायों के लिए आगे की सहायता दी जाएगी।
इन नेताओं ने करीब डेढ़ घंटे तक जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज जिलों का हवाई सर्वे किया।
यहां बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा परिसर में हुई समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रताप सारंगी भी उपस्थित थे।
मोदी ने चक्रवात के कारण हुई तबाही से उत्पन्न समस्याओं से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार और ओडिशा में बीजू जनता दल (बीजद) शासन की सराहना की।
कोलकाता का बड़ा हिस्सा अब भी अंधकारमय है जहां मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बार-बार प्रभावित हो रही हैं।
चक्रवात के कारण उत्पन्न अशांति ने दोनों राज्यों के लिए चिंता बढ़ा दी है जहां कोरोना वायरस महामारी अपने पैर तेजी से पसार रही है। लाखों प्रवासी मजदूरों के घर लौटने के कारण संक्रमण के मामलों में इजाफा हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा, “ कोविड-19 वैश्विक महामारी से निपटने के लिए सामाजिक दूरी बनाने की जरूरत है जबकि चक्रवात से लड़ने के लिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की।”
उन्होंने इस बात को माना कि चक्रवात के बाद राहत शिविरों में लोगों की बड़ी संख्या में मौजूदगी कोविड-19 वैश्विक महामारी को रोकने के सरकार के प्रयासों को विफल कर सकती है।
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