कोलकाता, 11 अगस्त राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 अगस्त को यहां भारतीय नौसेना के एक स्टील्थ युद्धपोत का उद्घाटन करेंगी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम ‘गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड’ (जीआरएसई) द्वारा निर्मित यह तीसरा और आखिरी स्टील्थ युद्धपोत होगा। कंपनी ने ‘प्रोजेक्ट 17ए’ के तहत नौसेना के लिए युद्धपोत बनाने का अनुबंध किया था।
अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति यहां हुगली नदी के तट पर जीआरएसई के पोत निर्माण केंद्र में युद्धपोत का उद्घाटन करेंगी। अत्याधुनिक युद्धपोत नवीनतम उपकरणों से सुसज्जित होगा और नौसेना को सौंपे जाने से पहले इसे व्यापक परीक्षणों से गुजरना होगा।
जीआरएसई के एक अधिकारी के अनुसार, पी17ए निर्देशित मिसाइल युद्धपोत हैं। प्रत्येक युद्धपोत की लंबाई 149 मीटर है। इसका वजन लगभग 6,670 टन और गति 28 समुद्री मील है।
नौसेना ने सात स्टील्थ युद्धपोत के निर्माण का ऑर्डर दिया था। इनमें से मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) को चार और जीआरएसई को तीन युद्धपोत का ऑर्डर दिया गया था।
‘प्रोजेक्ट 17ए’ के तहत तीन स्टील्थ युद्धपोत के निर्माण के लिए जीआरएसई से किया गया 19,294 करोड़ रुपये का अनुबंध अब तक का सबसे बड़ा अनुबंध था।
जीआरएसई द्वारा निर्मित दूसरे पी17ए स्टील्थ युद्धपोत का उद्घाटन 15 जुलाई, 2022 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था।
पहले पी17ए युद्धपोत का उद्घाटन दिसंबर, 2020 में तत्कालीन प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत की पत्नी मधुलिका रावत ने किया था।
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