देश की खबरें | राष्ट्रपति ने वीर योद्धा लासित बड़फुकन की 400वीं जयंती समारोह की शुरूआत की

गुवाहाटी, 25 फरवरी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को अहोम के वीर योद्धा लासित बड़फुकन की 400वीं जयंती से जुड़े समारोहों की शुरूआत की तथा उनकी 150 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा एवं एक युद्ध स्मारक की आधारशिला रखी।

राष्ट्रपति कोविंद ने श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र आडिटोरियम में अपने संबोधन में कहा कि बड़फुकन उन महान सेनापतियों में से एक हैं जिन्होंने भारत में जन्म लिया।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह एक ऐतिहासिक संयोग है कि आज भारत के बलिदानी योद्धाओं की स्मृति में दिल्ली में निर्मित राष्ट्रीय समर स्मारक की तीसरी वर्षगांठ मनायी जा रही है और आज ही हम सब यहां, असम में, भारत के वीर सपूत लासित बड़फुकन की 400वीं जयंती मनाने के लिए एकत्र हुए हैं।’’

कोविंद ने कहा कि सेना-नायक लासित बड़फुकन की अतुलनीय व्‍यूह-रचना और उनके सैनिकों की बहादुरी का परिणाम यह रहा कि भारत का यह हिस्सा कभी भी मुगलों के अधीन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सत्रहवीं शताब्दी में ही भारत माता को मुक्त कराने के लिए युद्ध करने वालों में लासित बड़फुकन और छत्रपति शिवाजी जैसे वीर योद्धा थे जो सदा पूजनीय हैं।

गौरतलब है कि लासित बड़फुकन अहोम साम्राज्य के वीर योद्धा एवं सेनापति थे। उन्हें वर्ष 1671 में ब्रह्मपुत्र के पास ‘सरायघाट के युद्ध’ में अभूतपूर्व नेतृत्व के लिये याद किया जाता है जिसमें उन्होंने मुगलों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था ।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ असम के आप सभी लोगों ने जिस उत्साह और प्रेम से मेरा स्वागत किया, उसने मेरे दिल को छू लिया है। आप सब के स्नेह की स्मृति हमेशा मेरे हृदय में बनी रहेगी।’’

दीपक

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