प्रयागराज, 22 जुलाई उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) की अभिनव क्यूआर कोड आधारित संपर्क रहित टिकट जाँच प्रणाली पूरे भारतीय रेलवे में लागू करने की तैयारी है। सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (क्रिस) ने सभी क्षेत्रीय रेलों पर एक साफ्टवेयर एप्लीकेशन लांच किया है जो यात्री के आरक्षित टिकट विवरण को अनूठे क्यूआर कोड के रूप में प्रदर्शित करेगा।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अजित कुमार सिंह के मुताबिक, “रेलवे बोर्ड ने इस संपर्क रहित टिकट जांच प्रणाली के स्कैनिंग को शीघ्र लागू करने के मद्देनजर सभी क्षेत्रिय रेलों को टिकट जांच कर्मचारियों को प्रशिक्षित और जागरूक करने के निर्देश दिये।”
उन्होंने बताया कि वर्तमान में क्यूआर कोड निकालने की व्यवस्था पूरे भारतीय रेल में की जा चुकी है और क्यूआर कोड की स्कैनिंग की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। इस व्यवस्था में कहीं से भी आरक्षित टिकट बुकिंग करने पर यात्री द्वारा उपलब्ध कराये गये मोबाइल नंबर पर क्यूआर कोड का यूआरएल वाला एक एसएमएस आयेगा।
सिंह ने बताया कि स्टेशन पर प्रवेश या टिकट की जाँच के दौरान यात्री अपने एसएमएस में उपलब्ध क्यूआर कोड यूआरएल पर क्लिक करेगा और आरक्षित टिकट का क्यूआर कोड यात्री के मोबाइल ब्राउज़र पर प्रदर्शित होने लगेगा जिसे क्रिस द्वारा विकसित एप्लिकेशन युक्त हैंड हेल्ड टर्मिनल का इस्तेमाल क्यूआर कोड स्कैनिंग के लिए किया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि क्यूआर कोड की स्कैनिंग करते ही यात्री की उपस्थिति सम्बंधी सभी विवरण स्वतः ही एप्लिकेशन में अपडेट हो जायेंगे। गूगल प्ले स्टोर या आईओएस ऐप स्टोर आदि में उपलब्ध कोई भी क्यूआर कोड स्कैनिंग ऐप का उपयोग इस उद्देश्य से किया जा सकता है।
कोरोना महामारी को देखते हुएक्यूआर कोड आधारित संपर्क रहित टिकट स्कैनिंग प्रणाली को एक जून, 2020 से उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज स्टेशन पर पायलट परियोजना के रूप में लागू किया गया था और अब इसे पूर देश में आरक्षित टिकटों के लिए लागू किया जा रहा है।
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