एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | एहतियातन हिरासत आदेश काफी सावधानी से पारित किए जाने चाहिए : उच्च न्यायालय

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बंबई उच्च न्यायालय ने प्राधिकारियों से आग्रह किया है कि वे अत्यधिक सावधानी और सतर्कता के साथ एहतियातन हिरासत आदेश पारित करें, क्योंकि लापरवाही से उठाया गया एक कदम किसी व्यक्ति को उसके "सबसे प्रमुख" मौलिक अधिकार एवं उसकी स्वतंत्रता से वंचित कर सकता है।

देश की खबरें | एहतियातन हिरासत आदेश काफी सावधानी से पारित किए जाने चाहिए : उच्च न्यायालय

मुंबई, 16 जुलाई बंबई उच्च न्यायालय ने प्राधिकारियों से आग्रह किया है कि वे अत्यधिक सावधानी और सतर्कता के साथ एहतियातन हिरासत आदेश पारित करें, क्योंकि लापरवाही से उठाया गया एक कदम किसी व्यक्ति को उसके "सबसे प्रमुख" मौलिक अधिकार एवं उसकी स्वतंत्रता से वंचित कर सकता है।

न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे की खंडपीठ ने एक व्यक्ति के खिलाफ अक्टूबर 2023 में पारित एहतियातन हिरासत आदेश को दो जुलाई को रद्द कर दिया और कहा कि संबंधित व्यक्ति को आदेश के खिलाफ अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। इसके साथ ही पीठ ने उस व्यक्ति को रिहा करने का निर्देश दिया।

पीठ ने कहा कि एहतियातन हिरासत आदेश पारित करने वाले प्राधिकार का दायित्व है कि वह जिम्मेदारी से काम करे, क्योंकि इसके प्रभाव से कोई व्यक्ति अपनी स्वतंत्रता से वंचित हो सकता है।

उसने कहा कि किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने की शक्ति का इस्तेमाल उस व्यक्ति के साथ अन्याय के खिलाफ संतुलित किया जाना चाहिए, जिसे हिरासत में लिया गया है।

राकेश जेजुरकर को भविष्य में सामानों की तस्करी से दूर रखने और इसके लिए उकसाने तथा तस्करी वाले मालों को छुपाने से रोकने के लिए अक्टूबर 2023 में हिरासत में लिया गया था।

भारत सरकार के संयुक्त सचिव ने ‘विदेशी मुद्रा संरक्षण और तस्करी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम’ के प्रावधानों के तहत आदेश पारित किया।

यह आरोप लगाया गया था कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति आदतन अपराधी था और दुबई से सुपारी की तस्करी करके भारत लाने की गतिविधियों में लिप्त था।

पीठ ने कहा कि जब किसी व्यक्ति को एहतियातन हिरासत में लिया जाता है, तो अनुच्छेद 22(4) और (5) के तहत दिए गए सुरक्षा उपायों का पालन किया जाना चाहिए।

इस अनुच्छेद के तहत किसी व्यक्ति को तीन महीने से अधिक समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता और जब किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जाता है तो उसे आदेश के खिलाफ अपना पक्ष रखने का जल्द से जल्द मौका दिया जाना चाहिए।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 16, 2024 04:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).