चंडीगढ़, तीन दिसंबर अकाली दल के कद्दावर नेता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में बृहस्पतिवार को अपना पद्म विभूषण पुरस्कार लौटा दिया।
असंतुष्ट अकाली नेता और राज्य सभा सदस्य सुखदेव सिंह ढींढसा ने भी कहा है कि वह अपना पद्म भूषण पुरस्कार लौटा देंगे जो उन्हें पिछले साल दिया गया था।
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इससे पहले, पंजाब के कुछ खिलाड़ियों ने भी पुरस्कार लौटाने की धमकी दी थी।
बादल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लिखे पत्र में कहा, “मैं जो कुछ भी हूं वह अपने लोगों के कारण हूं जिसमें विशेष रूप से आम किसान शामिल है। आज जब उनके सम्मान से अधिक बहुत कुछ छिन गया है तो मुझे पद्म विभूषण सम्मान रखने का कोई मतलब समझ में नहीं आता।”
शिअद (लोकतांत्रिक) के बागी नेता सुखदेव सिंह ढींढसा ने कहा कि बूढ़े लोगों और महिलाओं समेत किसान दिल्ली के बॉर्डर पर डटे हैं।
उन्होंने कहा, “हम भी किसानों के बेटे हैं। हम पुरस्कार का क्या करेंगे? हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”
बादल को 2015 में पद्म विभूषण पुरस्कार दिया गया था।
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की ओर से जारी एक वक्तव्य में कहा गया कि बादल ने केंद्र सरकार द्वारा किसानों को धोखा दिए जाने के विरोध में पद्म विभूषण लौटा दिया है।
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