देश की खबरें | प्रधान ने ‘डिजिटल स्किलिंग’ कार्यक्रम की शुरूआत की

नयी दिल्ली, छह जून केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आत्मनिर्भर भारत डिजिटल कौशल कार्यक्रम के तहत भारतीय युवा प्रतिभाओं को कौशल सम्पन्न बनाने के लिये सोमवार को ‘डिजिटल स्किलिंग कार्यक्रम’ की शुरूआत की और कहा कि सरकार की भूमिका भविष्य के लिये कार्यबल सृजित करने में सुविधा प्रदान करने वाले के रूप में है।

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, ‘डिजिटल स्किलिंग’ कार्यक्रम का लक्ष्य उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक करोड़ छात्रों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना एवं तकनीकी कौशल सुधारना है।

यह शिक्षा मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय से जुड़ा राष्ट्रीय कौशल विकास परिषद, राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रौद्योगिकी और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के बीच अपनी तरह का पहला गठजोड़ है।

मंत्रालय के अनुसार, 100 से अधिक प्रौद्योगिकी, कॉरपोरेट/विनिर्माण कंपनियां नि:शुल्क रूप से उभरती प्रौद्योगिकी प्रमाणन प्रदान करने को लेकर पहले ही इस प्लेटफार्म से जुड़ चुकी हैं।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत मिशन और भारत की नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत यह कार्यक्रम नवाचारों और कौशल को प्रोत्साहन देने वाला होगा।

प्रधान ने कहा कि सरकार की भूमिका भविष्य के लिये कार्यबल सृजित करने में सुविधा प्रदान करने वाले के रूप में है क्योंकि यह उद्योग, अकादमिक संस्थाओं और नीति निर्माताओं के बीच गठजोड़ के लिये काम करने का सही समय है।

मंत्री ने कहा कि भारत को दुनिया में कार्यबल की जरूरतों को पूरा करना है और प्रौद्योगिकी ऐसा करने में मदद करेगी ।

प्रधान ने शिक्षा प्रौद्योगिकी निर्माताओं से भारतीय ओं में शिक्षण सामग्री तैयार करने का आग्रह किया ।

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