भुवनेश्वर, 20 अगस्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भुवनेश्वर में एक शैक्षणिक परिसर का उद्घाटन किया और उम्मीद जताई कि अतिरिक्त बुनियादी ढांचा इस प्रमुख संस्थान के छात्रों को अधिक उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने में सक्षम बनाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैश्विक चौथी औद्योगिक क्रांति ने दुनिया के लिए व्यापार और विकास के नए मॉडलों के निर्माण को अनिवार्य कर दिया है और आईआईटी भुवनेश्वर को ऐसे आदर्श बनाने चाहिए, रोजगार पैदा करने में मदद करनी चाहिए और आधुनिक समस्याओं को हल करना चाहिए।
प्रधान ने यहां संस्थान में पुष्पगिरी लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स और रुशिकुल्या हॉल ऑफ रेजिडेंस का उद्घाटन करने के बाद कहा कि ओडिशा जैसे आपदा-संभावित राज्य में स्थानीय और पर्यावरणीय मुद्दों के समाधान के लिए संस्थानों के बीच अधिक सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘विश्व स्तरीय अनुसंधान और नवाचार पर ध्यान देने के साथ, हमारे आईआईटी वास्तव में भारत की प्रगति और उच्च शिक्षा में सफलता के प्रतीक बन गए हैं।’’
केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘हमारी आईआईटी दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों में से हैं और वैश्विक तकनीकी जरूरतों में योगदान दे रही हैं।’’
आईआईटी भुवनेश्वर के निदेशक प्रोफेसर राजा कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने अब तक दो चरणों में बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 1,260 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
कुमार ने कहा कि वर्तमान परिसर, जिसमें 60, 120 और 240 लोगों के बैठने की क्षमता वाले व्याख्यान कक्षों की सुविधा है, का उपयोग पारंपरिक कक्षाओं के लिए किया जा सकता है और ई-कक्षाओं के रूप में भी काम लिया जा सकता है।
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