देश की खबरें | घूसखोरी को जायज ठहराने का वीडियो प्रसारित होने के बाद दारोगा निलंबित

उन्नाव (उप्र), 20 दिसंबर उन्नाव जिले में तैनात एक पुलिस उपनिरीक्षक (दारोगा) को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो प्रसारित हुआ है जिसमें उपनिरीक्षक को कथित तौर पर यह कहते सुना गया कि ‘‘पुलिस पैसा लेती है तो काम भी करती है।’’

रिश्वत को कथित तौर पर जायज ठहराने वाला वीडियो सामने आने के बाद उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया।

बीघापुर पुलिस थाने में तैनात उपनिरीक्षक उमेश त्रिपाठी को यहां एक कार्यक्रम में बनाये गए वीडियो में कथित तौर पर यह कहते सुना गया, ‘‘अगर पुलिस पैसे लेती है, तो यह काम भी करती है। किसी और विभाग में जाएं, वे पैसे ले लेंगे लेकिन वे आपका काम नहीं करेंगे।’’

यह वीडियो 29 नवंबर का बताया जा रहा है, जब एक स्थानीय स्कूल में पुलिस का कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

वीडियो में दारोगा को यह भी कहते सुना गया, ‘‘पुलिस से अच्छा कोई विभाग ही नहीं बना, मास्टर साहब लोगों को देखो, घर में रहकर पढ़ाते हैं। छह महीना घर में रहकर छुट्टियां भी काटते हैं और कहीं कोरोना आ गया तो साल भर स्कूल नहीं जाते हैं।''

उन्नाव के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) शशि शेखर सिंह ने बताया कि मामले की जांच क्षेत्राधिकारी (सीओ) बीघापुर को सौंप दी गई है और उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। उन्‍होंने कहा कि वीडियो कब का है और कहां का है, इसकी जांच करके सीओ अपनी रिपोर्ट देंगे।

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