लखनऊ, 19 जुलाई उत्तर प्रदेश में 14 अक्टूबर के बाद इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को सब्सिडी का लाभ देने के लिए राज्य सरकार ने बुधवार को सब्सिडी पोर्टल की शुरुआत की।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि पोर्टल ‘यूपीईवीसब्सिडी डॉट इन’ को चालू कर दिया गया है। जिन ग्राहकों ने 14 अक्टूबर के बाद से इलेक्ट्रिक वाहन खरीदा है, वे इस पोर्टल पर जाकर सब्सिडी के लिए आवेदन कर सकेंगे। पोर्टल पर आवेदन के बाद चार स्तरीय जांच-पड़ताल पूरी होने पर सब्सिडी की धनराशि ग्राहक के बैंक खाते में डाल दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति, 2022 में दी गयी खरीद सब्सिडी प्रोत्साहन योजना को पारदर्शी तरीके से लागू करने के लिए पोर्टल के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया तय की है। इसी के तहत यूपीडेस्को ने पोर्टल का निर्माण किया है।
उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति, 2022 के तहत खरीद सब्सिडी प्रोत्साहन योजना 14 अक्टूबर 2022 से 13 अक्टूबर 2023 तक लागू रहेगी।
प्रवक्ता के मुताबिक सब्सिडी व्यक्तिगत लाभार्थियों (खरीदार) को सिर्फ एक ही वाहन पर मिलेगी। हालांकि, खरीद सब्सिडी फ्लीट ऑपरेटरों (खरीदार) को भी दी जाएगी, ताकि एक इकाई वाहन बेड़ों में अधिकतम 10 वाहनों के लिए सब्सिडी का लाभ दिया जा सके। बिना बैटरी के इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले खरीदारों के लिए लागू खरीद सब्सिडी कुल सब्सिडी राशि का 50 प्रतिशत होगी। फिलहाल सब्सिडी देने की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है।
उन्होंने बताया कि पहले दो लाख दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को पांच हजार रुपए प्रति वाहन सब्सिडी दी जाएगी। पहले खरीदे गए 25 हजार चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को एक लाख रुपए प्रतिवाहन की सीमा तक सब्सिडी प्राप्त होगी। शुरुआती 400 गैर सरकारी ई-बसों को 20 लाख रुपए प्रति वाहन की सीमा तक सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इन वाहनों को मिलने वाली सब्सिडी इनकी उत्पादन लागत (कारखाने पर) के 15 प्रतिशत तक ही हो सकती है।
इसी तरह पहले 1000 इलेक्ट्रिक माल ढुलाई वाले वाहनों की खरीद पर एक लाख रुपए प्रति वाहन की सीमा तक सब्सिडी प्राप्त होगी।
सलीम
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