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सीएम शिवराज सिंह चौहान बोले, OTT प्लेटफॉर्म पर परोसी जा रही अश्लील सामग्री पर सेंसर होना चाहिए

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा रही अश्लील सामग्री पर सेंसर होना चाहिए और केंद्र सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है।

सीएम  शिवराज सिंह चौहान बोले, OTT प्लेटफॉर्म पर परोसी जा रही अश्लील सामग्री पर सेंसर होना चाहिए
सीएम शिवराज सिंह चौहान (Photo Credits ANI)

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान  (Shivraj Singh Chouhan) ने रविवार को कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म (OTT Platforms) पर उपलब्ध कराई जा रही अश्लील सामग्री पर सेंसर होना चाहिए और केंद्र सरकार इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रही है. राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बेटियों की सुरक्षा, जागरूकता, पोषण, ज्ञान तथा स्वास्थ्य के अनूठे अभियान 'पंख' की यहां शुरुआत करते हुए चौहान ने कहा, ‘‘आज ओटीटी प्लेटफॉर्म पर परोसी जा रही सामग्री अश्लील है. छोटे बच्चों द्वारा इंटरनेट और मोबाइल पर इस अश्लील सामग्री को देखने से दुष्प्रभाव नजर आ रहा है. मोबाइल पर इस तरह की सामग्री देखने के बाद 12 साल के एक लड़के ने छह साल की बच्ची के साथ दुर्व्यवहार किया.

उन्होंने आगे कहा कि बच्चे मुलायम मिट्टी की तरह होते हैं और जो देखते हैं उसे सीखते हैं। इस तरह की सामग्री का बच्चों के अलावा युवाओं पर भी दुष्प्रभाव हो रहा है. चौहान ने कहा, ‘‘वैधानिक प्रावधानों द्वारा इस प्रसार को रोकने की आवश्यकता है। क्या ऐसी सामग्री पर सेंसर नहीं होना चाहिए?’’उन्होंने आगे कहा, ‘‘भारत सरकार इस पर (ओटीटी पर सेंसर लगाने) गंभीरता से विचार कर रही है. चौहान ने कहा, ‘‘मेरा संकल्प है कि महिलाओं के विरूद्ध आपराधिक कृत्य करने वाले दुष्ट लोगों को नहीं छोड़ा जाएगा. ड्रग्स माफिया को भी नहीं बख्शा जाएगा, जो युवाओं को नशे की लत लगाते हैं। नशे से जिंदगी तबाह हो जाती है. अपराधी, बालक-बालिकाओं को नशे की आदत डालकर उनसे अनुचित कार्य करवाते हैं. यह भी पढ़े: Madhya Pradesh: सोशल मीडिया के जरिए चल रहा था गंदा काम, ग्राहकों को भेजी जाती थी अश्लील फोटो, पुलिस ने की ये कार्रवाई

उन्होंने कहा, ''बेटियों के साथ अपराध एवं छेड़छाड़ करने वाले तत्वों को सरकार कुचल देगी। ऐसे अपराधियों की सम्पत्ति नष्ट कर दी जाएगी. सजा भी ऐसी देंगे कि जमाना याद करेगा.मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विदिशा की एक महिला द्वारा अपने पति के अन्याय के विरूद्ध खड़े होकर उसे कारावास भिजवाने का साहस किए जाने पर बधाई भी दी.  इस प्रकरण में पिता द्वारा बेटी के साथ दुराचार किया गया था.  पति को सजा के साथ ही महिला को आर्थिक सहायता भी दिलवाई गई.

चौहान ने कहा कि ऐसा साहस अन्य महिलाओं को भी दिखाना चाहिए. चौहान ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित हैं। इन्हें गति प्रदान की जाएगी. आज से प्रारंभ ‘पंख’ अभियान अनूठा है जो बालिकाओं के संरक्षण, जागरण, पोषण, ज्ञान, स्वास्थ्य, स्वच्छता का प्रतीक है।चौहान ने कहा, ''बेटियां दया, प्रेम, स्नेह, करुणा, ज्ञान, शौर्य हैं। स्त्री-पुरूष में समानता हो, यह बहुत आवश्यक है.  मेरा मानना है कि बेटियों को अपनी अस्मिता और सम्मान की रक्षा के लिए जूडो-कराटे के प्रशिक्षण के साथ ही कटार या अन्य शस्त्र भी देना चाहिए।''चौहान ने कहा कि हमारी न्याय प्रणाली में भी ऐसे सुधार की जरूरत महसूस होती है, जो ऐसे लोगों को मानव अधिकार के नाम पर न बख्शें, जो मनुष्य न होकर बेटी से गलत व्यवहार या अनाचार करने वाले राक्षस हैं.

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(The above story first appeared on LatestLY on Jan 24, 2021 10:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).