विदेश की खबरें | पोप ने क्रिसमस से पहले अपने वार्षिक संबोधन में विनम्र व्यवहार पर दिया जोर

हर बार की तरह पोप फ्रांसिस ने क्रिसमस से पूर्व अपने वार्षिक संबोधन में वेटिकन के प्रशासकों को नैतिक मूल्यों के पतन के बारे में चेताया और व्यक्तिगत हित को परे रखने की नसीहत दी तथा कैथोलिक चर्च की परंपरा की आड़ लेकर बचने के बजाए विनम्रता अपनाने को कहा।

‘हॉल ऑफ ब्लेसिंग’ में पोप ने कार्डिनल और पादरियों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘विनम्र वे हैं जो न केवल अतीत बल्कि भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं क्योंकि वे जानते हैं कि कैसे आगे देखना है, अपनी शाखाओं को फैलाना है, अतीत को कृतज्ञता के साथ याद करना चाहिए।’’

पोप ने कहा, ‘‘दूसरी ओर, अभिमानी बस अपना व्यवहार दोहराते हैं, कठोर होते जाते हैं और खुद को उस दोहराव में संलग्न कर लेते हैं। कुछ भी नया अपनाने से वे डरते हैं क्योंकि वे इसे नियंत्रित नहीं कर सकते।’’

पोप ने कहा, ‘‘परिणामस्वरूप, वे न तो अपने पापों से सीखते हैं और न ही वे वास्तव में क्षमा मांगने के लिए तैयार हैं। यह भ्रष्ट आचरण है। हमें इससे बचने की जरूरत है।’’

वर्ष 2013 में पोप बनने के बाद से फ्रांसिस क्रिसमस पर अपने संबोधन में वेटिकन के प्रशासनिक तंत्र को झकझोरते रहे हैं। उन्होंने संस्थाओं और कैथोलिक चर्च में सुधार पर भी जोर दिया है। पोप ने सुधारों को इस साल और आगे बढ़ाते हुए कार्डिनल के वेतन में 10 प्रतिशत कटौती की और पादरियों को 40 यूरो तक का ही तोहफा लेने की अनुमति दी है। वेटिकन के अपने न्यायाधिकरण द्वारा कार्डिनल और पादरियों पर आपराधिक मुकदमा चलाने की अनुमति देने वाला कानून भी पारित किया गया।

पोप फ्रांसिस ने रूढिवादी पादरियों से अतीत की यादों से बाहर निकलने और पुराने सिद्धांत तथा तौर-तरीके के प्रति अपना लगाव भी खत्म करने को कहा। पोप फ्रांसिस ने इस साल चर्च की परंपरावादी इकाई पर लगाम लगाने के लिए सबसे बड़ा कदम उठाते हुए पुराने ‘लैटिन मास’ को मनाने पर प्रतिबंध लगाया, जिस पर पोप बेनेडिक्ट सोलहवें ने 2007 में ढील दी थी।

पोप ने कहा, ‘‘हमें अपनी जड़ों और अपनी शाखाओं के साथ सही संबंध खोजने के लिए बुलाया गया है। उन दो चीजों के बिना हम बीमार हो जाते हैं और अंत तय होता है।’’

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