नयी दिल्ली, 22 अगस्त कथित रूप से पोंजी योजना चलाकर भोले-भाले निवेशकों को ठगने को लेकर पश्चिम बंगाल की एक कंपनी के प्रवर्तक और निदेशक को धनशोधन रोकथाम कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
ईडी ने एक बयान में बताया कि यूआरओ ग्रुप के विश्वपुरिया गिरि को रविवार को गिरफ्तार किया गया तथा कोलकाता की विशेष धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने उसे एक सितंबर तक के लिए निदेशालय की हिरासत में भेज दिया।
इस गिरफ्तारी से पहले प्रवर्तन निदेशालय ने 18-19 अगस्त को राज्य में तीन स्थानों पर छापा मारा था।
ईडी ने कहा कि यूआरओ ग्रुप ने ऊंचे लाभ का वादा कर भोले-भाले निवेशकों से अपने एजेटों के माध्यम से 200 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि एकत्र की थी।
उसने कहा कि ग्रुप ने बताया था कि वह कृषि (प्रसंस्करण) , जीवन देखभाल, होटल, रिसॉर्ट, सूचना प्रौद्योगिकी, ऑटोमोटिव, रीयल एस्टेट जैसे विभिन्न कारोबारों में लगा है लेकिन बाद में उसने मैच्युरिटी राशि के भुगतान पर निवेशकों को ‘धोखा ’ दिया तथा एकत्रित की गयी रकम अपने निजी लाभ एवं अन्य कई लाभार्थियों के फायदे में ‘लगाया’।
ईडी के अनुसार जांच में पता चला कि ‘अपराध की कमाई’ का इस्तेमाल प्रवर्तकों एवं कंपनी के अन्य कार्यकारियों द्वारा चल-अचल संपत्तियों की खरीद में किया गया तथा उसका एक बड़ा हिस्सा ‘प्रचार एवं विज्ञापन पर खर्च किया गया ताकि इस अवैध धंधे को बढ़ावा दिया जा सके तथा मीडिया में उसके बारे में प्रतिकूल खबरें न आयें।’’
धनशोधन मामला सीबीआई की प्राथमिकी पर आधारित है। सीबीआई ने सितंबर, 2017 में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY