जम्मू, 26 जुलाई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने बुधवार को राजनीतिक दलों से मणिपुर में समुदायों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने की राजनीति से बचने का आह्वान किया।
उन्होंने हिंसा प्रभावित इस राज्य में शांति एवं सांप्रदायिक सद्भाव बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग चाहते हैं कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और गिलगित बाल्टिस्तान को पड़ोसी देश के अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए।
यहां गुज्जर समुदाय के एक कार्यक्रम के दौरान कुमार ने कहा, “मैं सभी राजनीतिक दलों से अपील करना चाहता हूं कि वे मणिपुर में दो समुदायों को भड़काने, विभाजित करने और एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करने के उद्देश्य से राजनीति न करें। उन्हें क्षेत्र में शांति, सद्भाव और समृद्धि को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।”
विपक्ष की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संसद में मणिपुर हिंसा पर बयान देने की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कुमार ने कहा कि राजनीतिक दलों को राज्य में शांति सुनिश्चित करने के लिए अपने सुझाव देने चाहिए।
उन्होंने कहा, “यदि राजनीतिक दलों के पास कोई सुझाव है तो उन्हें क्षेत्र में शांति सुनिश्चित करने के लिए आगे आना चाहिए।”
संघ के नेता ने कहा, “मुझे लगता है कि अगर दो समुदाय आपस में लड़ते हैं तो यह शर्मनाक है। ऐसा नहीं होना चाहिए। दोनों समुदायों को एक-दूसरे के साथ शांति से रहना चाहिए और मणिपुर को रहने के लिए सबसे अच्छी जगह बनाना चाहिए।”
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