देश की खबरें | राजनीतिक दल जम्मू-कश्मीर में संपत्ति कर लगाने की आलोचना की

श्रीनगर/जम्मू, 22 फरवरी जम्मू कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक दलों ने संपत्ति कर लगाने के लिये केंद्रशासित प्रदेश के उपराज्यपाल प्रशासन पर निशाना साधते हुये इस कदम को ‘जन विरोधी’ एवं ‘अलोकतांत्रिक’ करार दिया।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि संपत्ति कर लगाने का निर्णय जम्मू कश्मीर के लोगों को निर्धन बनाने के भाजपा के बड़े एजेंडे का हिस्सा है।

प्रदेश की मुख्यमंत्री रह चुकी महबूबा ने कहा, ‘‘इसका मुख्य लक्ष्य जम्मू कश्मीर के लोगों को इतना निर्धन बना देना है कि वह कुछ भी नहीं मांग सकें । देश के शेष भाग को देखिये, 80 करोड़ लोग मुफ्त में राशन पा रहे हैं । वे नौकरियां एवं सस्ते ईंधन की मांग नहीं कर रहे हैं । उन्हें केवल पांच किलो अनाज का इंतजार रहता है, ताकि वह अपने बच्चों को खिला सकें । वे जम्मू कश्मीर को भी इसी स्तर पर लाना चाहते हैं। यह जम्मू कश्मीर के लोगों को दफन करने के भाजपा के बड़े एजेंडे का हिस्सा है।’’

महबूबा ने कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से कर अदा करने से इंकार कर देना चाहिए।

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को केंद्र शासित प्रदेश में संपत्ति कर लगाने की अधिसूचना जारी की, जो एक अप्रैल से लागू होगा ।

महबूबा ने कहा कि भाजपा जम्मू-कश्मीर के लिए '' आपदा'' है।

उन्होंने कहा, ‘‘ जिस तरह भूकंप और बाढ़ (प्राकृतिक आपदा) हैं ठीक उसी प्रकार हमारे लिये रोज नये आदेश आते हैं, चाहे यह नौकरियों के बारे में हो, ध्वस्तीकरण अभियान हो अथवा संपत्ति कर हो ।’’

नेशनल कांफ्रेंस के मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में संपत्ति कर थोपा जाना जन विरोधी कदम है ।

सादिक ने पीटीआई- को बताया, ‘‘इस प्रकार के मनमाने और जन विरोधी आदेश आगे बढ़ने का सही तरीका नहीं है । इस प्रकार के निर्णय को लेकर सबसे बेहतर यही होगा कि इसे निर्वाचित सरकार पर छोड़ दिया जाये ।’’

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