नयी दिल्ली, 25 फरवरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज को मेघालय के 'स्टोल' और नगालैंड की शॉल उपहार में दीं।
जर्मनी के चांसलर दो दिवसीय यात्रा पर शनिवार को भारत पहुंचे।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ये वस्तुएं पूर्वोत्तर के दो राज्यों की संस्कृति और शिल्प कौशल का प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि मेघालय के स्टोल का एक समृद्ध इतिहास है और इनकी बुनाई एक प्राचीन परंपरा है, जो पीढ़ियों से चली आ रही है।
सूत्रों ने कहा कि मेघालय के स्टोल मूल रूप से खासी और जयंतिया राजघराने के लिए बुने जाते थे, जो इन्हें अपनी शक्ति का प्रतीक मानते थे। उन्होंने कहा कि ये स्टोल औपचारिक अवसरों और त्योहारों के दौरान पहने जाते थे और इनके खास डिजाइन एवं जीवंत रंग शाही परिवार की संपत्ति और प्रतिष्ठा को दर्शाते थे।
अधिकारियों ने कहा कि खासी और जयंतिया राजा अक्सर इन स्टोल को सद्भावना और सम्मान के प्रतीक के रूप में अन्य शासकों को भेंट करते थे। उन्होंने कहा कि ये स्टोल स्थानीय रूप से प्राप्त ऊन और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करके बनाए जाते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि नगा शॉल कला का एक उत्कृष्ट रूप है जो सदियों से नगालैंड में जनजातियों द्वारा बुनी जाती रही है।
उन्होंने कहा कि ये शॉल अपने जीवंत रंगों, खास डिजाइन और पारंपरिक बुनाई तकनीकों के उपयोग के लिए जानी जाती हैं, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही हैं।
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