नयी दिल्ली, 19 अप्रैल उच्चतम न्यायालय ने ‘ओवर-द-टॉप’ (ओटीटी) मंचों पर प्रतिबंध लगाए जाने का अनुरोध करने वाले याचिककर्ता से शुक्रवार को कहा कि वह इस संबंध में सरकार के समक्ष अभ्यावेदन दे।
याचिकाकर्ता का दावा है कि ओटीटी मंचों पर नग्नता और अनुचित दृश्य दिखाए जाते हैं।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ से कहा कि याचिका में यह सवाल उठाया गया है कि क्या ओटीटी मंचों को बिना किसी रोक के ऐसी सामग्री प्रसारित करने या दिखाने की अनुमति दी जा सकती है जो सभी उम्र के दर्शकों के लिए उपयुक्त नहीं है।
वकील ने आरोप लगाया कि ओटीटी मंचों पर नग्नता दर्शाने वाले अनुचित दृश्य दिखाए जा रहे हैं।
पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा, ‘‘सेंसर बोर्ड के पास जाएं।’’
उसने कहा, ‘‘आप दर्शक संबंधी नियंत्रण पर कुछ दिशानिर्देश चाहते हैं? आप सरकार को अभ्यावेदन दें।’’
इसके बाद याचिकाकर्ता के वकील ने इस मुद्दे पर सरकार के पास जाने की छूट दिए जाने के साथ याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी।
शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता को सरकार को अभ्यावेदन देने की छूट देते हुए याचिका वापस लेने की अनुमति दी।
जब पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि याचिका में एक फिल्म पर सवाल उठाया गया है, तो वकील ने कहा कि मामला ओटीटी मंचों पर दिखाई जाने वाली नग्नता के बारे में है।
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