विदेश की खबरें | इजराइल में 26/11 के मुंबई हमलों के यहूदी पीड़ितों की स्मृति में पट्टिका का अनावरण

ईलात (इजराइल), 27 नवंबर यहूदी केंद्र चबाड ने 26 नवम्बर, 2008 को हुए मुंबई आतंकी हमलों में मारे गए छह यहूदियों की स्मृति में इजराइल के दक्षिणी तटीय शहर ईलात में अपने प्रार्थना गृह में एक पट्टिका का अनावरण किया और नरसंहार के पाकिस्तानी दोषियों को सजा दिए जाने की मांग की।

रैव हेच और इजराइल में भारतीय दूतावास में प्रथम सचिव रोहित मिश्रा ने प्रार्थना गृह के अंदर एक दीवार पर पट्टिका का अनावरण किया।

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बृहस्पतिवार को मिश्रा द्वारा जिस 3 ए आकार की पट्टिका का अनावरण किया गया उस पर लिखा गया,“भारत में मुंबई के चबाड हाउस में हुए आतंकी हमलों में शहीद रब्बी गेवरिएल नोआ और रिव्का होल्ट्सबर्ग की स्मृति में ..।’’

पट्टिका में आगे लिखा था,“ हमले के समय चबाड हाउस में रुके हमारे चार मेहमान रब्बी गेवरिएल तैतलबॉम, नॉर्मा राविनोविक, बेन जियोन कुर्मन, योचेद ओरपाज भी शहीद हो गए थे।’’

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प्लास्टिक की पट्टिका पर लिखा यह संदेश व्यक्तिगत रूप से रैव हेच ने लिखा था।

गौरतलब है कि पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के दस आतंकवादियों ने पूरे मुंबई में चार दिन तक 12 आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया था। 26 नवंबर 2008 को हुए इन हमलों में छह अमेरिकियों और नौ आतंकवादियों सहित कम से कम 166 लोग मारे गए थे और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे।

हमले में ताजमहल होटल, ओबेरॉय होटल, लियोपोल्ड कैफे, नरीमन (चबाड) हाउस और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस रेलवे स्टेशन आदि को निशाना बनाया गया था।

ईलात में चबाड मूवमेंट और भारतीय मूल के यहूदियों ने मेयर मीर इत्जाक हा लेवी से शहर में 26/11 स्मारक बनाने का भी अनुरोध किया।

सितार संगठन ने भी बृहस्पतिवार को 26/11 के छह यहूदी पीड़ितों की याद में एक पट्टिका लगाई थी। पट्टिका का अनावरण एक समारोह में किया गया जिसमें डिप्टी मेयर ईलात स्टास दिनकिन भी शामिल हुए थे।

विदेशी मामलों के लिए यरूशलम के डिप्टी मेयर फलेउर हसन नहौम ने कहा कि इन हमलों के षडयंत्रकर्ताओं को दंडित किया जाना चाहिए।

भारतीय दूतावास में काउंसलर प्रमोद शर्मा ने कहा, ‘‘ इन हमलों को अंजाम देने वाले पाकिस्तान से आये आतंकवादियों को उम्मीद थी कि वे उन स्थानों पर हमला कर, हमें अलग-थलग करने में सफल हो जायेंगे, जहां लोग एकत्र होते हैं । लेकिन वह अपने नापाक मंसूबों में विफल रहे क्योंकि उन्होंने इजराइली लोगों को पहले से कहीं ज्यादा भारत सरकार के करीब ला दिया है।”

शर्मा ने कहा, ‘‘भारत और इजराइल आतंकवाद का मुकाबला करने सहित कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे है और वे रणनीतिक साझेदार हैं। दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद को किसी भी कारण से उचित नहीं ठहराया जा सकता है। मैं इजराइल का धन्यवाद करना चाहता हूं कि वह भारत के साथ खड़ा रहा।’’

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