देश की खबरें | बागजान कुएं में लगी आग पर काबू पाने का प्रयास अंतिम चरण में
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

गुवाहाटी, पांच अगस्त सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ऑयल इंडिया लि. (ओआईएल) ने बुधवार को कहा कि असम के बागजान में गैस कुएं में लगी आग पर काबू पाने का प्रयास अंतिम चरण में है।

कुएं से 71 दिनों से गैस निकल रही है।

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कंपनी ने एक बयान में यह जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि कुएं में लगी आग पर काबू के लिए तैयारियां अंतिम चरण में है।

तिनसुकिया जिले के बागजान में क्षतिग्रस्त गैस कुआं संख्या पांच को

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31 जुलाई को बंद करने की कोशिश की गयी थी। लेकिन वह प्रयास नाकाम हो गया था। कुएं के मुंह पर ढक्कन रखने की कोशिश के दौरान हाइड्रोलिक मशीन गिर गयी थी।

कंपनी ने कहा कि वहां पानी का छिड़काव करने वाले सभी छह वाटर पंप काम कर रहे हैं।

कंपनी ने यह भी कहा कि उसे अपने कई कुओं और अन्य स्थानों पर विरोध और रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है जिससे पिछले कुछ महीनों में उत्पादन का भारी नुकसान हुआ है।

बयान के अनुसार तेल और गैस कुओं में अवरोध के कारण मंगलवार को 652 मीट्रिक टन कच्चे तेल तथा 1.53 एमएमएससीएम प्राकृतिक गैस का उत्पादन नुकसान हुआ।

कंपनी के अनुसार 27 मई 2020 से 22,112 मीट्रिक टन कच्चा तेल और 52.53 एमएमएससीएम प्राकृतिक गैस का उत्पादन नुकसान हुआ है।

बयान के अनुसार आग और विस्फोट से गांवों तथा पास के जंगलों में पड़े प्रभाव का टेरी, आईआईटी- गुवाहाटी जैसी विभिन्न संस्थाओं द्वारा अध्ययन किया जा रहा है।

राहत और पुनर्वास प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कंपनी ने बताया कि जिला प्रशासन क्षतिपूर्ति के लिये नुकसान का आकलन कर रहा है। तिनसुकिया और डूमडूमा क्षेत्रों में चार अगस्त तक सर्वेक्षण में शामिल कुल परिवारों की संख्या 2,736 है।

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