नयी दिल्ली, 17 जून सार्वजानिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) भूमिगत और खुली खदानों में पर्यवरण अनुकूल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर खनन के हरित विकल्पों की तलाश में जुटी है।
सीआईएल ने कहा कि इस कदम से कोयला उत्पादन बढ़ाने और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी।
महारत्न कंपनी ने कहा, ‘‘कोल इंडिया अपनी भूमिगत और खुली खदानों में पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए हरित खनन के विकल्पों पर गौर कर रही है।’’
कंपनी ने कहा कि तकनीकी-वाणिज्यिक और सुरक्षा चिंताओं के कारण पहले से बंद पड़ी कोयला खदानों का अब प्रौद्योगिकी के जरिये उपयोग में लाया जा सकता है।
कोल इंडिया वित्त वर्ष 2021-22 में 2.56 करोड़ टन के अपने भूमिगत उत्पादन को 2029-30 तक चार गुना बढ़ाकर 10 करोड़ टन करने की संभावनाएं टटोल रही है।
कंपनी ने कहा कि भूमिगत खदानों में उत्पादन पर्यावरण के अनुकूल होता है और इसका भूमि और लोगों पर कम नुकसान पड़ता है।
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