नयी दिल्ली, 15 अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर कर उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है, जो अपने वाहनों पर ‘जज’ लिखे पार्किंग स्टीकर का फर्जी तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं।
याचिकाकर्ता व पेशे से अधिवक्ता संशेर पाल सिंह ने दलील दी है कि ‘जज’ पार्किंग स्टीकर का फर्जी इस्तेमाल एक गंभीर विषय है और एक सुरक्षा खतरा पैदा करता है क्योंकि इस तरह के स्टीकर वाले वाहनों की अदालत परिसर में सुरक्षा जांच नहीं की जाती है।
याचिका में, याचिकाकर्ता ने कहा है कि ऐसे कई उदाहरण हैं जहां उन्होंने ‘जज’ पार्किंग स्टीकर वाले वाहनों (कार) की मौजदूगी देखी है लेकिन बाद में यह पाया गया कि उक्त पंजीकरण नंबर वाले वाहनों को प्राधिकारियों द्वारा ऐसा कोई स्टीकर जारी नहीं किया गया।
उन्होंने याचिका में दावा किया है, ‘‘दो मामलों में, यह पाया गया कि जिन वाहनों का पंजीकरण नंबर दिया गया था, वे टैक्सी या कैब के थे।’’
याचिकाकर्ता ने कहा कि उन्होंने इस विषय पर उच्च न्यायालय प्रशासन और अन्य संबद्ध प्राधिकारों को शिकायतें की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
याचिकाकर्ता ने उन न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई का अनुरोध किया है जिन्होंने उपयुक्त दिशानिर्देशों का अनुपालन किये बगैर ‘जज’ कार पार्किंग स्टीकर हासिल किये हैं।
इस विषय पर अदालत में अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है।
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