देश की खबरें | ज्ञानवापी परिसर में पूजा के मामले में मुकदमे के सभी दस्तावेजों की छाया प्रति तलब

प्रयागराज, 19 अक्टूबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को निर्देश दिया कि वाराणसी की अदालत में ज्ञानवापी मस्जिद में पूजा के संबंध में पांच महिलाओं द्वारा दायर वाद से जुड़े सभी दस्तावेजों की छाया प्रतियां (फोटो कॉपी), जिला जज से सत्यापित करवा कर 21 अक्टूबर तक उसके पास भेजी जाएं।

गौरतलब है कि पांच हिंदू महिलाओं ने वाराणसी की अदालत में वाद दायर कर ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में मां श्रृंगार गौरी, भगवान गणेश, भगवान हनुमान और अन्य दृश्य एवं अदृश्य देवी देवताओं दर्शन, पूजा अर्चना और सभी अनुष्ठान करने की अनुमति मांगी है।

न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 21 अक्टूबर निर्धारित की। अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी ने वाराणसी की दीवानी अदालत के उस निर्णय को चुनौती दी है जिसमें वाद की पोषणीयता के मुद्दे पर उसका आवेदन खारिज कर दिया गया था।

इससे पूर्व, 17 अक्टूबर को अदालत ने केवल उन्हीं दस्तावेजों की फोटो कॉपी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था जो वाद की पोषणीयता के मुद्दे पर दाखिल किए गए थे।

पिछले महीने, वाराणसी की अदालत ने हिंदू महिलाओं द्वारा दायर वाद की पोषणीयता को चुनौती देने वाली अंजुमन कमेटी की याचिका खारिज कर दी थी। वाराणसी की अदालत के निर्णय को चुनौती देते हुए इलाहाबाद उच्च न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका दायर की गई है।

वाराणसी के जिला जज ने अपने आदेश में कहा था कि इन वादियों (महिलाओं) का वाद पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991, वक्फ एक्ट, 1995 और यूपी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर अधिनियम, 1983 से बाधित नहीं होता।

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