नयी दिल्ली, 21 जून झारखंड की पर्यावरणविद् जमुना टुडू के जीवन पर प्रकाश डालने वाली एक फोटो प्रदर्शनी का आयोजन यहां 23 से 29 जून तक किया जाएगा जिन्हें अब 'लेडी टार्ज़न' के उपनाम से जाना जाता है।
जानेमाने फोटोग्राफर-फिल्म निर्माता वज्रनाभ नटराज महर्षि द्वारा धनविका टॉकीज और आरके फिल्म प्रोडक्शन के सहयोग से आयोजित की जाने वाली सप्ताह भर की यह प्रदर्शनी 23-29 जून से ऑल इंडिया फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट्स सोसाइटी (एआईएफएसीएस) गैलरी में आयोजित की जाएगी।
इसमें 40 से अधिक तस्वीरें प्रदर्शित किये जाने की उम्मीद है। प्रदर्शनी का उद्देश्य टुडू की सच्ची कहानी को चित्रित करना है जो अपने गांव के आसपास के जंगल को कटने से बचाने के लिए वन माफियाओं और नक्सलियों के खिलाफ लड़ने के लिए आगे आयीं।
हैदराबाद के फोटोग्राफर ने कहा, ‘‘मैंने जमुना टुडू के अविश्वसनीय जीवन, उनकी गहन भावनाओं और पूरे जंगल की रक्षा के लिए भू-माफियाओं के खिलाफ लड़ाई की उनकी कठिन यात्रा को चित्रित करने का प्रयास किया है। मैं सभी को इस प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए आमंत्रित करता हूं क्योंकि यह केवल तस्वीरों का प्रदर्शन नहीं बल्कि हमारी प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के लिए समर्पित एक उत्कृष्ट जीवन का एक चित्रण है।’’
ओडिशा के मयूरभंज जिले में 1980 में जन्मी टुडू ने 50 हेक्टेयर वन भूमि को तबाह होने से बचाया और पर्यावरण के मुद्दे के बारे में अपने गांव की महिलाओं को शिक्षित करने के अलावा 10,000 से अधिक महिलाओं को पेड़ों और वन्यजीवों की रक्षा के लिए एकजुट किया।
झारखंड में लकड़ी माफिया और नक्सलियों से निपटने के लिए 'लेडी टार्जन' के नाम से जानी जाने वाली 42 वर्षीय टुडू ‘वन सुरक्षा समिति’ की संस्थापक भी हैं जिसने झारखंड में उनके गांव के पास पेड़ों की अवैध कटाई को रोका और उन्हें राष्ट्रपति द्वारा 2017 में राष्ट्रपति भवन में सम्मानित भी किया गया।
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