नयी दिल्ली, 25 नवंबर देश में आगामी चुनावों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के स्थान पर मतपत्रों का इस्तेमाल करने का निर्देश निर्वाचन आयोग को देने के लिए उच्चतम न्यायालय में बुधवार को एक याचिका दायर की गयी।
यह याचिका अधिवक्ता सी आर जया सुकिन ने दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि ईवीएम में गलतियां होने की संभावना रहती है और दुनिया के कई देशों ने अपने यहां ईवीएम का इस्तेमाल बंद कर दिया है क्योंकि इसकी सत्यता पर संदेह व्यक्त किया गया है।
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याचिका में कहा गया है, ‘‘भारत में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को परपंरागत मतपत्रों से बदला जाना चाहिए। किसी भी देश की चुनाव प्रक्रिया के लिए मतपत्रों के माध्यम से मतदान अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी तरीका है।’’
इसमें आरोप लगाया गया है कि ईवीएम के साथ निर्माण के दौरान ही छेड़छाड़ की जा सकती है और ऐसे मामलों में किसी हैकर या हेराफेरी करने वाले वयक्ति को वास्तविक मतदान में छेड़छाड़ करने की जरूरत नहीं है।
याचिका के अनुसार, ‘‘दुनियाभर में बनाई गयी कोई भी मशीन ऐसी नहीं है जिसमें गलती नहीं हो सकती हो।’’
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की विश्वसनीयता को लेकर लगातार सवाल उठाए जाते रहे हैं। वहीं, निर्वाचन आयोग का दावा है कि ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती।
अनूप
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