देश की खबरें | अनु. 370 पर केंद्र के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द सुनवाई के लिए न्यायालय में याचिका
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया गया है। याचिका में कहा गया है कि पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर के लोग बार-बार इंटरनेट बंद किए जाने से परेशानी का सामना कर रहे हैं और प्रतिबंध लगाए जाने से अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है।
नयी दिल्ली, तीन नवम्बर उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर कर केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया गया है। याचिका में कहा गया है कि पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर के लोग बार-बार इंटरनेट बंद किए जाने से परेशानी का सामना कर रहे हैं और प्रतिबंध लगाए जाने से अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा है।
याचिका में कहा गया है कि समय के गुजरने के साथ और वर्तमान मामलों के लंबित रहने के साथ ही केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा अन्य कानून लाए जाने से पांच अगस्त 2019 का केंद्र सरकार का आदेश स्थायी होता जा रहा है, जिसे कई याचिकाओं के माध्यम से अदालत में चुनौती दी गई है।
इसमें कहा गया है, ‘‘आदेश को पूर्ववर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर के लोगों की बेहतरी के लिए बताया जाता है लेकिन सच्चाई है कि इन्हीं लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।’’
शाकिर साबिर ने अपनी याचिका को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने के केंद्र के निर्णय के खिलाफ दायर अन्य याचिकाओं के साथ आगे की सुनवाई के लिए संविधान पीठ गठित कर उसके समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश देने की मांग की।
यह भी पढ़े | Gangrape In Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में 21 वर्षीय महिला से गैंगरेप, हालत नाजुक.
आवेदन में कहा गया है, ‘‘इंटरनेट बंद करने और इंटरनेट का स्पीड कम करने से जम्मू-कश्मीर के न केवल छात्रों एवं व्यवसायियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि लागू आदेश एवं अन्य प्रतिबंधों के कारण अर्थव्यवस्था एवं स्थानीय लोगों का आम जीवन भी प्रभावित हो रहा है।’’
इसने कहा कि पांच अगस्त 2019 के आदेश के प्रभावी होने के बाद केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने कई अन्य कानून लागू किए।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)