एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | दिल्ली सरकार को प्रवासी श्रमिकों को मूलभूत सुविधा मुहैया कराने का निर्देश देने के लिए याचिका दायर

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर आप सरकार को प्रवासी श्रमिकों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने और उनमें कोरोना वायरस संक्रमण फैलने से रोकने समेत उनके कल्याण के लिए सभी कदम उठाए जाने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

देश की खबरें | दिल्ली सरकार को प्रवासी श्रमिकों को मूलभूत सुविधा मुहैया कराने का निर्देश देने के लिए याचिका दायर
जियो

नयी दिल्ली, एक जून दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर आप सरकार को प्रवासी श्रमिकों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने और उनमें कोरोना वायरस संक्रमण फैलने से रोकने समेत उनके कल्याण के लिए सभी कदम उठाए जाने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

याचिका में दिल्ली सरकार को कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का तथा सामाजिक दूरी, स्वास्थ्य एवं सफाई के मानकों का भी पालन करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। याचिका पर संभवत: मंगलवार को सुनवाई होगी।

यह भी पढ़े | तमिलनाडु: बीवी और बच्चों को घर पहुंचाने के लिए युवक ने चुराई बाइक, पार्सल के माध्यम से वापस भेजा.

खुद को कार्यकर्ता बताने वाले मनीष सिंह द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि हजारों प्रवासी श्रमिक किसी खास केंद्र पर जमा होकर सामाजिक दूरी संबंधी व्यवस्था की धज्जियां न उड़ाएं, यह सुनिश्चित करने में अधिकारी विफल रहे हैं।

इसमें दावा किया गया कि अधिकारी अपने पैतृक स्थानों पर लौटना चाह रहे प्रवासी मजदूरों को पशुओं की तरह एकत्र कर रहे हैं और अपनी मर्जी के मुताबिक उन्हें विभिन्न स्थानों/ स्कूलों/ सामुदायिक केंद्रों पर छोड़ दे रहे हैं, वह भी उन्हें मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराए बिना।

यह भी पढ़े | नीति आयोग के एक अधिकारी का कोविड-19 रिपोर्ट पाया गया पॉजिटिव, कार्यालय की तीसरी मंजिल सील: 1 जून 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

याचिका में अधिकारियों को सफर एवं जांच के लिए पंजीकरण के बाद विभिन्न स्थानों पर मौजूद प्रवासी मजदूरों को खाना, उचित आश्रय, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

याचिका में दावा किया गया कि भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों के मद्देनजर ये श्रमिक पास के केंद्र पहुंचते हैं जहां पंजीकरण की सुविधा है ताकि उन्हें अपने गंतव्य स्थानों तक पहुंचने के लिए ट्रेनों में सवार होने की इजाजत मिल सके।

याचिका में कहा गया है कि निर्धारित केंद्रों पर पहुंचने के बाद ज्यादातर श्रमिकों को खाली हाथ लौटना पड़ता है। जिन्हें सफलता मिलती भी है, उन्हें दिल्ली सरकार स्कूलों आदि में भेज देती है जहां उनके लिए मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।

याचिकाकर्ता ने कहा कि उसने मई में इस संबंध में अधिकारियों को मेल भेजा था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 01, 2020 01:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).