चेन्नई, 22 जून मद्रास उच्च न्यायालय ने राजीव गांधी की हत्या की दोषी नलिनी श्रीहरन की मां की इस अर्जी पर तमिलनाडु के जेल प्रशासन को सोमवार को नोटिस जारी किया कि उसकी बेटी को पिछले तीन महीने से अपने पति मुरुगन से मिलने नहीं दिया गया है और यह नियमों का उल्लंघन है।
एस पद्मा की याचिका पर न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति डी कृष्ण कुमार की पीठ ने राज्य के जेल अधिकारियों को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
अपनी अर्जी में पद्मा ने दावा किया है कि यद्यपि जेल नियमावली हर पखवाड़े में एक बार इस तरह की मुलाकात की इजाजत देती है लेकिन अधिकारियों ने उसकी बेटी को पिछले तीन महीने से अपने पति से नहीं मिलने दिया है।
उसने कहा कि उसका दामाद मुरुगन इस मुद्दे पर एक जून से ‘‘भूख-हड़ताल’’ पर है और उसकी जान ‘खतरे’ में है।
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याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया कि वह जेल अधिकारियों को निर्देश दे कि वे नलिनी को अपने पति से नियमानुसार नियमित रूप से मिलने दें।
पद्मा की एक और याचिका उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित है जिसमें उसने अदालत से अधिकारियों को यह निर्देश देने की गुजारिश की है कि वे नलिनी और उसके पति मुरुगन को श्रीलंका में उसकी सास और लंदन में एक अन्य रिश्तेदार से वीडियो कॉल करने की इजाजत दे।
राजीव गांधी हत्याकांड में इन दोनों के अलावा पांच अन्य को मृत्युदंड सुनाया गया था। मई, 1991 में एक चुनावी रैली के दौरान लिट्टे ने श्रीपेरुम्बुदूर के पास राजीव गांधी की हत्या कर दी थी। दोषियों को सुनाया गया मृत्युदंड उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया था।
मुरुगन वेल्लोर की केंद्रीय जेल में है जबकि नलिनी पास की महिला जेल में है।
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