देश की खबरें | भारत की एकता एवं अखंडता को नष्ट करना चाहते हैं नफरत और नकारात्मकता से भरे लोग: मोदी

अहमदाबाद, 16 सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को आरोप लगाया कि नफरत और नकारात्मकता से भरे कुछ लोग भारत की एकता और अखंडता को नष्ट करना चाहते हैं।

यह टिप्पणी कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा अमेरिका में दिए गए विवादास्पद बयान की पृष्ठभूमि में आई है।

नौ जून को लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए पदभार ग्रहण करने के बाद अपने गृह राज्य गुजरात के पहले दौरे पर आये मोदी ने अहमदाबाद में भुज-अहमदाबाद ‘नमो भारत’ रैपिड रेल, पहली वंदे भारत मेट्रो सेवा और पांच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाने सहित 8,000 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की आधारशिला रखी या उद्घाटन किया।

मोदी ने एक सभा को संबोधित करते हुए नाम लिए बिना कहा कि वे (विपक्ष) तुष्टिकरण की राजनीति के लिए किसी भी सीमा को पार कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘नकारात्मकता से भरे कुछ लोग देश को बांटने के इरादे से भारत की एकता और अखंडता को निशाना बना रहे हैं। नफरत से भरे लोग भारत और गुजरात को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।’’

मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में उनके तीसरे कार्यकाल के पहले 100 दिनों में विपक्ष द्वारा उनका अपमान किया गया, उनका उपहास किया गया और उनका मखौल उड़ाया गया, लेकिन उन्होंने इस अवधि के दौरान सरकार के विकास एजेंडे को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया।

उन्होंने कहा, ‘‘जब हर भारतीय देश को आगे ले जाने का प्रयास कर रहा है, तब नकारात्मकता से भरे कुछ लोग देश की एकता और अखंडता को नष्ट करना चाहते हैं। वे देश को बांटना चाहते हैं।’’

अमेरिका में राहुल गांधी की सिख समुदाय और आरक्षण संबंधी टिप्पणी और कांग्रेस के जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन को लेकर उठे विवाद के बीच मोदी ने कहा कि नफरत से भरे कुछ लोग देश को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं।

मोदी ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के दो दिन पहले कहा, ‘‘आपने सुना है कि वे जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 को वापस लाना चाहते हैं, वे (चुनाव वाले) जम्मू कश्मीर में दो संविधान और दो कानून वापस लाना चाहते हैं।’’

मोदी ने कहा कि (भाजपा नीत राजग सरकार के तीसरे कार्यकाल के) पहले 100 दिनों में, उन्होंने (विपक्ष ने) उनका मखौल उड़ाया, उनका उपहास किया और उनका अपमान किया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘लोग मेरी चुप्पी से हैरान थे।’’

मोदी ने कहा कि उन्होंने लोगों के लिए खुद को बलिदान करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं जीता हूं, तो आपके लिए जीता हूं, अगर मैं संघर्ष करता हूं, तो आपके लिए संघर्ष करता हूं और अगर मैं खुद को बलिदान करता हूं, तो यह आपके लिए होगा।’’

भाजपा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर अमेरिका में ‘‘आरक्षण विरोधी’’ टिप्पणी करने का आरोप लगाया है और इसे ‘‘देशद्रोह’’ करार दिया है।

अमेरिका के प्रतिष्ठित जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय में गांधी ने आरोप लगाया था कि लोकसभा चुनाव एक स्तर पर नहीं लड़े गए। लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने दावा किया था, ‘‘निर्वाचन आयोग वही कर रहा था, जो वे (भाजपा) चाहते थे। पूरा प्रचार अभियान ऐसे बनाया गया कि (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी जी देशभर में अपना एजेंडा चला सकें।’’

इससे पहले दिन में मोदी ने गुजरात की राजधानी गांधीनगर के वावोल क्षेत्र में 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के लाभार्थियों से बातचीत की।

वह पूर्वाह्न करीब 10 बजे शालिन-2 सोसायटी पहुंचे और कई घरों के लोगों से बातचीत की, जिन्होंने 29 फरवरी को 75,021 करोड़ रुपये की लागत से शुरू की गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत छतों पर सौर पैनल लगाए हैं। प्रधानमंत्री ने आवासीय परिसर में 20 मिनट बिताये।

इस योजना का उद्देश्य सौर छत क्षमता में वृद्धि करना तथा आवासीय घरों को स्वयं बिजली उत्पन्न करने के लिए सशक्त बनाना है। इसमें दो किलोवाट क्षमता तक की प्रणालियों के लिए सौर इकाई लागत का 60 प्रतिशत तथा 2 से 3 किलोवाट क्षमता के बीच की प्रणालियों के लिए अतिरिक्त लागत का 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाती है।

एक अधिकारी ने बताया कि गुजरात दौरे के दौरान मोदी ने गांधीनगर में श्री सोमनाथ ट्रस्ट की एक बैठक की अध्यक्षता भी की।

ट्रस्ट भगवान शिव को समर्पित राज्य में विश्व प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर का प्रबंधन करता है।

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) की एक विज्ञप्ति में बताया गया कि बैठक रविवार रात राजभवन में हुई तथा प्रधानमंत्री ने ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लिया।

प्रधानमंत्री ने बाद में ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘गांधीनगर में श्री सोमनाथ ट्रस्ट की बैठक की अध्यक्षता की। हमने तीर्थयात्रियों के अनुभव को बढ़ाने तथा विभिन्न सुविधाओं को और बेहतर बनाने के तरीकों का जायजा लिया।"

बैठक में गुजरात के पूर्व नौकरशाह पी के लाहिड़ी एवं व्यवसायी हर्षवर्धन नेवतिया भी शामिल हुए, ये दोनों ही न्यासी हैं।

लाहिड़ी ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि तीन अन्य न्यासी- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और गुजरात के विद्वान जे डी परमार स्वास्थ्य कारणों या पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण बैठक में शामिल नहीं हो सके।

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