देश की खबरें | अजमेर दरगाह के नाजिम के नोटिस पर लोगों ने नाराजगी जताई

जयपुर, 24 जुलाई अजमेर दरगाह के नाजिम द्वारा जारी उस सार्वजनिक नोटिस की कई मुस्लिम संगठनों ने आलोचना की है जिसमें उन्होंने दरगाह परिसर में पुराने ढांचे के कारण होने वाली किसी भी दुर्घटना की कथित तौर पर जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है।

नाजिम मोहम्मद बेलाल खान द्वारा डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित यह नोटिस 21 जुलाई को जारी किया गया जिसमें श्रद्धालुओं को दरगाह परिसर के अंदर पुराने ढांचे के संभावित जोखिमों के बारे में चेतावनी दी गई है लेकिन कहा गया है कि कोई भी दुर्घटना होने पर प्रबंधन कानूनी रूप से जिम्मेदार नहीं होगा।

‘मुस्लिम प्रोग्रेसिव फेडरेशन’ ने इस नोटिस को ‘‘शर्मनाक’’ व ‘‘जिम्मेदारी से भागने वाला’’ बताया है।

फेडरेशन के अध्यक्ष अब्दुल सलाम जौहर ने इस बारे में नाजिम को लिखे पत्र में कहा, ‘‘सामूहिक आध्यात्मिक महत्व वाले स्थल पर इस तरह का ‘अस्वीकरण’ जारी करना अस्वीकार्य है।’’

सह-हस्ताक्षरकर्ता सैय्यद अनवर शाह आदिल खान ने कहा कि प्रबंधन को जिम्मेदारी से भागने के बजाय असुरक्षित क्षेत्रों की पहचान करके उनकी मरम्मत करनी चाहिए।

‘राजस्थान मुस्लिम एलायंस’ के अध्यक्ष मोहसिन रशीद ने इसे ‘‘कर्तव्य की अनदेखी’’ करार देते हुए कहा कि अजमेर शरीफ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक पूजनीय धार्मिक स्थल है।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रबंधन अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकता।’’

इस नोटिस को लेकर सोशल मीडिया पर भी नाराजगी देखी गई। कई लोगों ने मांग की है कि अगर यह अस्वीकरण वापस नहीं लिया जाता और सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए जाते तो केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय हस्तक्षेप करे।

इस बारे में नाजिम के कार्यालय से उनका पक्ष नहीं मिल पाया है।

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