देश की खबरें | पेगासस विवाद से ‘सीधे प्रभावित’ लोग जल्द ही पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित पैनल के सामने पेश होंगे : सदस्य

कोलकाता, दो दिसंबर पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिये कथित फोन-टैपिंग से ‘‘सीधे प्रभावित’’ होने का दावा करने वाले व्यक्तियों का बयान 13 दिसंबर से दो सदस्यीय जांच आयोग के समक्ष दर्ज होना शुरू होगा । पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित जांच आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ज्योतिर्मय भट्टाचार्य ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी ।

आयोग के एक अन्य सदस्य उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मदन बी लोकुर हैं।

भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘सीधे प्रभावित होने का दावा करने वालों का बयान 13 दिसंबर से आयोग में दर्ज होना शुरू होगा।’’

कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ने यह भी कहा कि राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर को बुधवार को आयोग में पेश होना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने प्रशांत किशोर को इस संबंध में नोटिस भेजा था, कल बुधवार को उनके बयान के लिए एक तारीख तय की गई थी, लेकिन वह न तो आए और न ही शामिल हुए।’’

आयोग के समक्ष प्रत्यक्ष अथवा आनलाइन तरीके से उपस्थित होने का प्रावधान है।

भट्टाचार्य ने पीटीआई- से कहा, ‘‘हमने अभी तक किशोर की गवाही देने की नयी तारीख तय नहीं की है ।’’ उन्होंने कहा कि उनसे पुष्टि होने के बाद ही तारीख तय की जाएगी।

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