महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते कहर के बाद मध्य प्रदेश सरकार हुई अलर्ट
महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वहां से मध्यप्रदेश में आने वाले लोगों को राज्य की सीमा में प्रवेश करते वक्त अपनी थर्मल परीक्षण (शरीर के तापमान की जांच) करवानी होगी.
भोपाल, 22 फरवरी: महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर वहां से मध्यप्रदेश में आने वाले लोगों को राज्य की सीमा में प्रवेश करते वक्त अपनी थर्मल परीक्षण (शरीर के तापमान की जांच) करवानी होगी. यह जानकारी अधिकारियों ने सोमवार को दी है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशों के बाद यह कदम उठाया गया है. कोरोना की स्थिति की समीक्षा के लिए यहां मंत्रालय में सोमवार को आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘‘कोरोना के संबंध में लगातार सतर्कता जरूरी है. थोड़ी सी लापरवाही विकराल रूप ले सकती है.’’
उन्होंने महाराष्ट्र से लगे मध्यप्रदेश के सभी जिलों में आने वाले व्यक्तियों का थर्मल परीक्षण करने के निर्देश दिए. चौहान ने इंदौर और भोपाल में तत्काल मास्क की अनिवार्यता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.
उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए कि वे अपने जिलों में आपदा प्रबंधन समूह की तत्काल बैठक कर जिला स्तर पर विद्यमान परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक सावधानी के संबंध में तत्काल निर्णय लें.
इस बैठक में इंदौर और भोपाल से राज्य के अन्य भागों में होने वाले आवागमन पर सतर्कता के संबंध में भी विचार-विमर्श हुआ. महाराष्ट्र से लगे सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना से बचाव की सावधानियाँ और रोको-टोको जैसी गतिविधियों पर ग्रामीण विकास विभाग सहित समस्त शासकीय अमला तत्काल अभियान आरंभ करें.
चौहान ने कहा है कि शिवरात्रि के पर्व पर प्रदेश में लगाने वाले मेलों में सतर्कता और जागरुकता आवश्यक है. विशेषकर महाराष्ट्र से लगे जिलों में आयोजित होने वाले मेलों में सहभागिता के संबंध में आरटी पीसीआर के परीक्षण की अनिवार्यता पर भी विचार किया जाना चाहिये.
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरात्रि के अवसर पर छिंदवाड़ा और बैतूल में लगने वाले मेलों में महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में लोग आते हैं. संबंधित जिलों के आपदा प्रबंधन समूह बैठक कर मेलों के आयोजन और आवश्यक सावधानियों के संबंध में समय रहते निर्णय लें.
बैठक में जानकारी दी गई कि देश में केरल और महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण प्रभावितों की संख्या में वृद्धि हुई है. मध्यप्रदेश देश में नवें नंबर पर है. केरल में अब स्थिति नियंत्रण में है. राष्ट्रीय स्तर पर जहाँ महाराष्ट्र में 42 प्रतिशत और केरल में 33 प्रतिशत प्रकरण प्रतिदिन आ रहे हैं, वहीं मध्यप्रदेश में केवल 2 प्रतिशत ही प्रकरण आ रहे हैं.
मध्यप्रदेश के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि प्रदेश में पिछले हफ्ते से कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या में वृद्धि दिखाई दे रही है. पिछले सात दिनों में प्रतिदिन इंदौर में 110, भोपाल में 57, जबलपुर में 12 प्रकरण आ रहे हैं. इस अवधि में इंदौर में 773, भोपाल में 397 और जबलपुर में 85 प्रकरण रिपोर्ट हुए हैं. बैतूल, छिंदवाड़ा, बड़वानी, दमोह, सीधी, रतलाम और खरगौन में भी प्रकरण बढ़ रहे हैं.
ब्रिटेन में कोरोना के नए स्ट्रेन के प्रभाव को देखते हुए प्रदेश में ब्रिटेन से आए सभी 354 यात्रियों का परीक्षण कराया गया. इनमें से पाँच यात्री पॉजिटिव पाए गए, जिनमें इंदौर के दो और भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर के एक-एक यात्री थे.
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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 22, 2021 09:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

