पेंशन घोटाला: MP सरकार ने नहीं दी मुकदमा चलाने की मंजूरी, विजयवर्गीय के खिलाफ कार्यवाही खत्म
इंदौर की विशेष अदालत ने वर्ष 2005 के कथित पेंशन घोटाले में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और तत्कालीन महापौर कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ दायर शिकायत पर कार्यवाही खत्म कर दी है क्योंकि 17 साल का लंबा अरसा बीतने के बावजूद राज्य सरकार ने उन पर मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी.
इंदौर (मध्यप्रदेश), 2 सितंबर : इंदौर की विशेष अदालत ने वर्ष 2005 के कथित पेंशन घोटाले में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और तत्कालीन महापौर कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ दायर शिकायत पर कार्यवाही खत्म कर दी है क्योंकि 17 साल का लंबा अरसा बीतने के बावजूद राज्य सरकार ने उन पर मुकदमा चलाने की मंजूरी नहीं दी. प्रदेश कांग्रेस इकाई के मीडिया विभाग के अध्यक्ष के.के. मिश्रा ने 33 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले को लेकर यह शिकायत दायर की थी.
विशेष न्यायाधीश मुकेश नाथ ने राज्य सरकार द्वारा विजयवर्गीय और अन्य तत्कालीन लोक सेवकों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी के अभाव का हवाला देते हुए शिकायत की कार्यवाही खत्म करने का आदेश 29 अगस्त (सोमवार) को जारी किया. आदेश में कहा गया कि अभियोजन स्वीकृति की प्रत्याशा में शिकायत पर आगामी कार्यवाही नहीं की जा सकती है और मामले को अनंतकाल तक लंबित भी नहीं रखा जा सकता. यह भी पढ़ें : Jharkhand: झारखंड में घर में घुसकर ग्राम प्रधान, उनके पुत्र और बहू की हत्या से सनसनी
विशेष अदालत ने हालांकि अपने आदेश में जोड़ा कि अगर शिकायतकर्ता को प्रदेश सरकार की अभियोजन स्वीकृति प्राप्त होती है, तो वह इस मामले में अदालती कार्यवाही बहाल कराने के लिए स्वतंत्र है. गौरतलब है कि विजयवर्गीय 2000 से 2005 के बीच इंदौर के महापौर रहे थे और तब से लेकर अब तक नगर निगम में भाजपा की सत्ता चल रही है. मिश्रा ने शुक्रवार को ‘‘पीटीआई-’’ से कहा,‘‘प्रदेश सरकार द्वारा इंदौर नगर निगम के पेंशन घोटाले में 17 साल तक अभियोजन स्वीकृति नहीं दिया जाना साफ दिखाता है कि वह भ्रष्टाचारियों को बचा रही है.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 02, 2022 12:57 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

