कोलकाता, 30 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के कम से कम पांच बैंक खातों से लेनदेन पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिनमें जांच एजेंसी को कम से कम दो करोड़ रुपये मिले हैं। एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि मुखर्जी की कई “फर्जी कंपनियों” के बैंक खाते भी ईडी की जांच के दायरे में हैं। अधिकारी ने बताया, “मुखर्जी के पांच बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। इन खातों में कुल करीब दो करोड़ रुपये मिले हैं। हमें संदेह है कि इन खातों का इस्तेमाल कई लेन-देन करने के लिए किया गया था और आगे की जांच की जा रही है।”
उन्होंने कहा कि एजेंसी 'फर्जी कंपनियों' से जुड़े बैंक खातों की भी जांच कर रही है, हालांकि उन्होंने इन €खातों में मौजूद रकम की जानकारी देने से इंकार कर दिया।
उन्होंने बताया, “हमने संबंधित अधिकारियों से इन बैंक खातों का ब्योरा मांगा है। खातों की जांच करने के बाद हम आगे की कार्रवाई के बारे में कोई भी फैसला करेंगे।”
ईडी ने बताया कि मुखर्जी से यह जानने के लिए पूछताछ जारी रहेगी कि क्या उनके और बैंक खाते हैं। उन्होंने कहा कि चटर्जी के बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांचकर्ताओं ने मुखर्जी के चार वाहनों की तलाश भी शुरू कर दी है, जो लापता हैं।
अधिकारी ने कहा, “मुखर्जी की दो कारें हैं- एक मर्सिडीज और एक मिनी कूपर। मंत्री और उनकी सहयोगी मुखर्जी इन वाहनों का इस्तेमाल घूमने फिरने के लिए करते थे। इन दोनों वाहनों के भीतर वह पार्टियां करती थीं।” अधिकारी ने कहा कि चटर्जी एक अन्य वाहन में उनके पीछे जाते थे और एक बिंदु पर वह उनके वाहन में सवार हो जाते थे। उन्होंने कहा कि सभी वाहन 2016 से 2019 के बीच खरीदे गए।
जांचकर्ता ने कहा, “एक कार चटर्जी ने उपहार में दी थी। वह इन महंगी कारों को खरीदने में उनकी मदद करते थे। हमने मर्सिडीज देखी है।” उन्होंने कहा कि जांच में यह भी पता चला है कि चटर्जी ने कथित तौर पर दो और वाहन बुक किये थे जिसके लिए अग्रिम भुगतान किया गया था।
अधिकारी ने कहा, “इन दोनों वाहनों को दो फर्जी कंपनियों के लिए बुक किया गया था और अग्रिम भुगतान किया गया था। लेकिन इनकी डिलीवरी से पहले दोनों गिरफ्तार हो गए।”
शहरी विकास मंत्री फरहाद हकीम ने कहा कि कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण (केएमडीए) से कस्बा इलाके में स्थित उस कथित अवैध इमारत की जांच करने को कहा गया है जो चटर्जी की है।
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