देश की खबरें | जेएनयू में छात्रावास की छत का हिस्सा गिरा, विद्यार्थियों ने तत्काल मरम्मत की मांग की

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक छात्रावास के कमरे की छत आंशिक रूप से ढह गयी जिससे इस बुनियादी ढांचे की जर्जर अवस्था सामने आ गयी है। पहले भी ऐसी घटना हो चुकी है।

गोदावरी छात्रावास में छत का मलबा स्टडी टेबल पर गिरा। उसी छात्रावास में रह रही और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट फेडरेशन की अध्यक्ष स्वाति सिंह ने कहा, ‘‘ जेएनयू में गोदावरी छात्रावास में एक कमरे की छत का एक हिस्सा गिर गया। किसी भी छात्र को कोई चोट नहीं आयी क्योंकि उस कमरे के विद्यार्थी कहीं पास में सो रहे थे, वहां नहीं थे। छत का हिस्सा उनके स्टडी टेबल पर गिरा और लैपटॉप क्षतिग्रस्त हो गया।’’

ऐसा पहली बार नहीं है कि जेएनयू में ऐसी कोई पहली घटना है। अप्रैल में साबरमती छात्रावास में स्नानघर की छत गिर जाने से एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया था।

स्वाति ने अफसोस जताते हुए कहा कि अधिकारियों से कई शिकायतें करने के बाद भी अबतक कोई उपाय नहीं किया गया।

जेएनयू छात्रावासों की दयनीय दशा को विद्यार्थियों ने बार बार जोर-शोर से सामने रखा है। छात्र संगठनों ने इस मुद्दे पर पिछले कुछ महीनों में कई बार प्रदर्शन किया है।

जेएनयू के विद्यार्थियों ने मांग की है कि तत्काल गोदावरी छात्रावास का पूर्ण जीर्णोद्धार किया जाएगा और छत में जलरोधी उपाय किया जाए।

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘ हम गोदावरी छात्रावास के विद्यार्थी स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं कि यदि किसी भी विद्यार्थी के साथ कोई दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटती है तो वार्डन एवं प्रशासन को जवाबदेह ठहराया जाएगा क्योंकि वे जर्जर हो चुके छात्रावास के मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।’’

विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री डी पंडित ने पीटीआई- से कहा था कि छात्रावासों एवं पुस्तकालयों का मरम्मत कार्य तेजी से होगा और अगले मार्च तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। उससे पहले छात्रों ने सोशल मीडिया पर छात्रावास की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया था।

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